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जम्मू-कश्मीर में बिजली के बकाये का खुलासा, सरकारी विभागों की देनदारी सबसे ज्यादा

Published: Mon, 28 Sep 2026 10:52 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में बिजली बिलों का बड़ा बकाया सामने आया है, जिसमें सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों पर कुल 3155.69 करोड़ रुपये की सबसे अधिक देनदारी है।

जम्मू-कश्मीर में बिजली बिलों का पहाड़, सरकारी विभागों पर सबसे ज्यादा बकाया।

जम्मू-कश्मीर में बिजली बिलों का पहाड़, सरकारी विभागों पर सबसे ज्यादा बकाया।

HighLights

  1. सरकारी विभागों पर 3155.69 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया

  2. कुल 6870.15 करोड़ रुपये की वसूली योग्य राशि का 46%

  3. बकाया वसूली हेतु डेढ़ लाख से अधिक कनेक्शन काटे गए

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बिजली के बकाया बिलों की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बिजली बिल की सबसे बड़ी बकाया राशि सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों के नाम है।

इन विभागों पर 3155.69 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है, जो कुल 6870.15 करोड़ रुपये की वसूली योग्य राशि का करीब 46 प्रतिशत है। यह जानकारी पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (पीडीडी) ने विधानसभा में विधायक हसनैन मसूदी के सवाल के जवाब में दी।

सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, चार प्रमुख श्रेणियों में बिजली की बड़ी रकम बकाया है। कमर्शियल उपभोक्ताओं पर 1833.60 करोड़ रुपये जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं पर 1005.89 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों की देनदारी 3155.69 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सुरक्षा बलों और प्रतिष्ठानों पर 874.97 करोड़ रुपये की बकाया राशि दर्ज की गई है।

इस तरह इन चारों श्रेणियों से कुल 6870.15 करोड़ रुपये की रकम वसूल की जानी है। आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब बिजली विभाग राजस्व बढ़ाने और बकाया वसूली को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है।

डेढ़ लाख के करीब कनेक्शन पर कार्रवाई

बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए विभाग ने कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी जारी रखी है। सरकार के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में 88387 कनेक्शन काटे गए। इनमें 84818 कमर्शियल, 3167 औद्योगिक और 402 सरकारी-अर्ध-सरकारी कनेक्शन शामिल थे।

वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 50226 कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इनमें 48283 कमर्शियल, 1836 औद्योगिक और 107 सरकारी-अर्ध-सरकारी कनेक्शन शामिल हैं। दोनों वित्त वर्षों को मिलाकर इन श्रेणियों में 13813 कनेक्शन काटे गए हैं।

सरकार ने बताया कि डिस्काम बकाया वसूली के लिए लगातार निगरानी, डिमांड और भुगतान नोटिस, फॉलो-अप तथा नियमों के तहत बिजली कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई कर रहे हैं। भुगतान और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कनेक्शन दोबारा बहाल किया जाता है।

वसूली के लिए सख्त कानून होगा लागू

सरकार के अनुसार हाई-वैल्यू और लगातार भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए सर्किल स्तर पर विशेष रिकवरी ड्राइव, एमआइएस और बिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए बकाया की निगरानी, अधिकारियों के लिए रिकवरी लक्ष्य तय करना और बिजली बिल का भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ डिस्कनेक्शन-रीकनेक्शन नीति लागू करना शामिल है। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया को भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूलने का प्रावधान भी इस्तेमाल किया जाएगा।

बिजली बिल के बकाये को लेकर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए किसी संभावित एमनेस्टी या बकाया माफी योजना पर भी सवाल पूछा गया था। सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल उसके विचाराधीन नहीं है।