राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : राज्य प्रशासन ने अवसंरचना विकास की सभी निर्माण योजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने, कार्य की गुणवत्ता और उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उनकी जियो टैगिंग का फैसला किया है। जियो टैगिंग से इन योजनाओं की रियल टाइम निगरानी होगी और घोटाले की संभावना को भी समाप्त किया जा सकेगा। वित्त विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार मेहता ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वह जम्मू कश्मीर अवसंरचना विकास वित्त निगम (जेकेआइडीएफसी) की ओर से लागू की जा रही परियोजनाओं की जियो टैगिंग को सुनिश्चित बनाएं।

जेकेआइडीएफसी की ओर से लागू की जा रही सभी योजनाओं की रियल टाइम निगरानी को सुनिश्चित बनाने के लिए जेकेआइएमएस पोर्टल पर जियो टैगिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नियुक्त सभी नोडल अधिकारी संबंधित परियोजनाओं की तस्वीरों को नियमित अंतराल पर जेकेआइएमएस पोर्टल पर अपलोड करें। इन तस्वीरों पर उन्हें लिए जाने का समय, तिथि और उनके स्थान का भी जिक्र होगा। इसके आधार पर ही योजनाओं के लिए चालान तैयार किए जा सकेंगे। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि समय, तिथि की मुहर के साथ ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन मोड पर जेकेआइएमएस पर अपलोड तस्वीरें स्वचालित तौर पर स्थान की पुष्टि करे। उसके आधार पर ही चालान तैयार किया जाए।

अपलोड की गई तस्वीरें रियल टाइम तस्वीर हो वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि लंबित परियोजनाओं को पूरा करने में जुटे विभाग इस बात को सुनिश्चित बनाएं कि अपलोड की गई तस्वीरें किए गए काम की रियल टाइम तस्वीर हो नहीं तो चालान तैयार नहीं होगा। जेकेआइडीएफसी ने बीते एक साल के दौरान राज्य में लंबित करीब पांच हजार परियोजनाओं के लिए निधि मंजूर की है। विकास कार्य शुरू करने से पूर्व वित्त एवं योजना विभाग से अनुमति जरूरी वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने विकास परियोजनाओं के नियमित और प्रभावी निगरानी के लिए सभी विभागों को ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है। इसके तहत ही सरकार ने बिना प्रशासकीय अनुमति विकास कार्यो की छानबीन शुरू कर दी है।

सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी विकास कार्य को शुरू करने से पूर्व वित्त एवं योजना विभाग से उसकी अनुमति जरूर प्राप्त करें। नामित प्राधिकरण के पास साजोसामान की खरीद का अधिकार वित्त प्रधान के सचिव वित्त के अनुसार, प्रत्येक नामित प्राधिकरण के पास साजोसामान और सेवाओं की खरीद का अधिकार है। इसके साथ ही उसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी भी बनती है कि वह इस प्रक्रिया में पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता, गुणवत्ता और खरीदे जाने वाले सामान की अनिवार्यता और पैसे के सदुपयोग का भी ध्यान रखे।

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