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बिरयानी में कौन सा मांस? कबाब किसका? कश्मीर में अब नाम छिपाकर नहीं परोस सकेंगे नॉनवेज, FSSAI का सख्त निर्देश

Published: Wed, 19 Aug 2026 03:19 PM (GMT+05:30)

FSSAI ने होटल-रेस्टोरेंट के लिए नए नियम जारी किए हैं, जिसके तहत मांसाहारी व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले मांस का ...और पढ़ें

अब होटल-रेस्टोरेंट में बताना होगा कौन सा मांस परोसा जा रहा। (फाइल फोटो)

अब होटल-रेस्टोरेंट में बताना होगा कौन सा मांस परोसा जा रहा। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. FSSAI ने होटल-रेस्टोरेंट के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए।

  2. मांसाहारी व्यंजनों में मांस का प्रकार बताना अनिवार्य होगा।

  3. नियमों का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई।

जागरण संवाददाता. श्रीनगर। अगली बार जब आप किसी ढाबे,होटल या रेस्टोरां में खाना खाने जाएं तो वहां मेन्यू में दर्ज खानों विशेषकर मानसाहारी व्यंजनों में कौन सा मांस इस्तेमाल किया गया है, यह जरूर चेक करें। इन मांसाहारी खानों में यदि मीट करी, चिकन करी का ही टेग लगा हो तो नहीं खाएं क्योंकि एफएसएसएआई ने फ़ूड बिजनेस से जुड़े व्यापारियों को कड़ी हिदायत दी है कि वह अपने फू़ड आवुटलेटों में उपलब्ध मेन्यू में मीट करी या नान-वेज जैसे जेनेरिक शब्दों का इस्तेमाल न करें और इन व्यंजनों में इस्तेमाल किए गए मांस चिकन आदि की जानकारी मेन्यू में दर्ज कराएं।

फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथारिटी आफ़ इंडिया (FSSAI) ने सभी होटलों, रेस्टोरेंट, कैफ़े, ढाबों, मिठाई की दुकानों, बेकरी और कैटरर्स को निर्देश दिया है कि वे फ़ूड सेफ़्टी इन्फ़ार्मेशन बोर्ड को साफ-साफ लगाएं और खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले खास तरह के मीट के बारे में साफ-साफ बताएं।

फ़ूड सेफ़्टी डिस्प्ले बोर्ड लगाना जरूरी

FSSAI द्वारा जारी की गए एडवाइजरी के मुताबिक, फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006, फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स रूल्स, 2011 और फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फ़ूड बिज़नेस का लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) रेगुलेशन, 2011 हर फ़ूड बिज़नेस आपरेटर पर यह कानूनी ज़िम्मेदारी डालते हैं कि बिक्री के लिए दिया जाने वाला खाना सुरक्षित हो, ठीक से दिखाया गया हो ताकि ग्राहक इस खाने को लेकर किसी उलझन का शिकार न हो।

FSSAI ने कहा कि फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन आफ़ फ़ूड बिज़नेस) रेगुलेशन, 2018 के तहत, रेस्टोरेंट को हर समय एक खास जगह पर फ़ूड सेफ़्टी डिस्प्ले बोर्ड लगाना जरूरी है।

अब ग्राहक को साफ बतानी होगी पूरी जानकारी

लाइसेंस की शर्तों के अनुसार, नमकीन, मिठाई या दूसरी खाने की चीज़ें बेचने वाले होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी खाने की जगहों के मालिकों को एक नोटिस बोर्ड लगाना होगा, जिसमें घी, खाने के तेल, वनस्पति और दूसरे खाने के फ़ैट से बने खाने की अलग-अलग लिस्ट हो, ताकि खरीदने वाले लोग जानकारी ले सकें।

एडवाइजरी में कहा गया है कि पका हुआ या तैयार खाना बेचने वाले हर फ़ूड बिज़नेस आपरेटर को एक नोटिस बोर्ड लगाना होगा जिसमें बिक्री के लिए रखे जाने वाले खाने की चीज़ों की जानकारी हो। सभी फ़ूड बिज़नेस आपरेटरों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जगहों पर एक खास और साफ जगह पर फ़ूड सेफ़्टी इन्फ़ार्मेशन बोर्ड पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और कस्टमर केयर नंबर की डिटेल्स के साथ इसका सख्ती से पालन करें।

अब मेन्यू में बताना होगा साफ

पार्दर्शिता को सुनिश्चित करने और खाने की चीज़ों को गलत तरीके से दिखाने से रोकने के लिए एफएसएसएआई ने कहा कि मीट या मीट से बनी खाने की सामग्री परोसने वाले हर फ़ूड बिजनेस आपरेटर को हर तैयारी में इस्तेमाल होने वाले खास तरह के मीट, जैसे मटन, बीफ, चिकन, मछली या किसी और मीट के बारे में साफ-साफ बताना होगा।

ऐसी जानकारी मेन्यू कार्ड, फ़ूड सेफ़्टी इन्फ़ार्मेशन बोर्ड और डिस्प्ले काउंटर या मेन्यू डिस्प्ले पर, जहां भी लागू हो, दी जानी चाहिए 

नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई 

एडवाइजरी में खास तौर पर बिज़नेस से कहा गया है कि वे मीट का टाइप बताए बिना मीट करी, मीट बिरयानी ,मीट कबाब या नान-वेजिटेरियन जैसे आम डिस्क्रिप्शन इस्तेमाल करने से बचें। दिखाई गई जानकारी सही, पढ़ने लायक, कस्टमर्स को आसानी से दिखने वाली होनी चाहिए और हर समय अपडेटेड रहनी चाहिए।

FSSAI ने सभी संबंधित अधिकारियों और फ़ूड सेफ़्टी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में फ़ूड बिज़नेस आपरेटर्स के बीच यह एडवाइज़री फैलाएं और फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत किए गए इंस्पेक्शन के दौरान इसके पालन को वेरिफ़ाई करें।

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि एक्ट, नियमों और रेगुलेशन के लागू नियमों का पालन न करने पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।