राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : हजरतबल दरगाह में बुधवार को पाकिस्तानी एजेंटों की नारेबाजी और हू¨टग झेलने वाले नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इन तत्वों या घटनाओं से नहीं डरता। यह लोग तो हमें डराएंगे, लेकिन हमें एकजुट रहकर इन्हें नाकाम बनाना है। जब तक पूरा देश मेरे साथ है, हमें कोई खतरा नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के श्रद्धांजलि समारोह में फारूक अब्दुल्ला ने भारत माता की जय के नारे लगाए थे। इसके बाद से घाटी में अलगाववादी खेमा उनके खिलाफ माहौल बनाने में लगा हुआ है।

बकरीद की नमाज अदा करने फारूक जब हजरतबल दरगाह पहुंचे तो वहां नमाजियों में बैठे पाकिस्तानी एजेंटों और राष्ट्रविरोधी तत्वों ने गो बैक फारूक अब्दुल्ला, हम क्या चाहते आजादी, डॉ. अब्दुल्ला शर्म करो-शर्म करो के नारे लगाते हुए जूते दिखाए थे। फारूक ने तमाम विरोध के बीच नमाज अदा की। इसके बाद वहां से निकल गए।

बाद में डॉ. फारूक ने कहा कि कुछ लोगों ने हंगामा किया, लेकिन मैं डरा नहीं और न ही पीछे हटा। नारेबाजी करने वाले हमारे अपने ही लोग हैं, जो गुमराह हो चुके हैं। मैं अपने मजहबी फर्ज को पूरा किए बिना कैसे वहां से आ सकता था।

उन्होंने कहा कि नारेबाजी करने वाले वह लोग हैं जो कश्मीर में अमन और तरक्की नहीं चाहते। यह लोग यहां गरीबी, बीमारी और बेगारी ही देखना चाहते हैं। यह नहीं चाहते कि हम गरीबी और बेगारी से आजादी हासिल करें। यह लोग हमारा विरोध करेंगे क्योंकि हम कश्मीर में अमन और तरक्की के लिए कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों को पता है कि जिस दिन यहां अमन आएगा, इनकी दुकानदारी और रोजी रोटी बंद हो जाएगी।। हमें तो अमन हर हाल में लाना है। इसके लिए अगर जान भी देनी पड़ी तो देंगे।

नेकां प्रमुख ने कहा कि यह लोग भी जानते हैं कि यह अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होंगे। वह दिन दूर नहीं जब यह लोग गिड़गिड़ाएंगे। इंशाल्लाह वह दिन जरूर आएगा जब हम मुसीबत के दौर से बाहर आएंगे। यह लोग कश्मीर की रीढ़ की हड्डी तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नाकाम रहेंगे। यह अमन नहीं बर्बादी चाहते हैं। यह लोग कश्मीर में उथल पुथल देखना चाहते हैं। इन लोगों को हम नाकाम करेंगे और यह तभी होगा जब ¨हदू, मुस्लिम, सिख व इसाई सभी मिलकर रहें। हमें देश में नफरतें कम करनी है। जितनी नफरतें कम होंगी, हम उतना ही मजबूत होंगे और यह लोग उतना ही नाकाम होंगे। समय आ गया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच सभी मसलों के हल के लिए शांतिपूर्ण बातचीत हो।

डॉ. फारूक ने कहा कि हमें देश को मजबूत बनाना है और यह तभी होगा जब हम सभी इकट्ठे रहेंगे। हमें भाई-भाई की तरह रहना है और आगे चलना है। मुझे कोई खतरा नहीं है। मैं चाहता हूं कि देश हमारे साथ खड़ा रहे। जब तक हमारा देश हमारे साथ मजबूती से खड़ा है, यह तत्व कामयाब नहीं होंगे। े

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