राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में सौहार्दपूर्ण संबंधों की बहाली की उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नक्शे कदम पर चलते हुए पाकिस्तान समेत सभी पड़ोसी मुल्कों से संबंध बेहतर बनाने चाहिए।

श्रीनगर में नसीम बाग में अपने पिता और नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक स्व. शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की 36वीं बरसी पर उनकी मजार पर श्रद्धांजलि समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में डॉ. फारूक ने कहा कि इमरान खान के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमें भारत और पाकिस्तान में अच्छे संबंधों की उम्मीद है। दोनों मुल्कों में सौहार्दपूर्ण संबंध हमारे लिए भी बहुत अहम हैं, क्योंकि दोनों मुल्कों में दोस्ताना संबंधों के बीच ही हमारे सभी मसले हल होंगे।

फारूक ने कहा कि यहां हमारे ¨हदोस्तान में और पाकिस्तान में कुछ लोग ऐसे हैं जो नहीं चाहते कि दोनों मुल्कों में दोस्ती हो। इन तत्वों की रोजी रोटी ही दोनों मुल्कों के बीच गोलाबारी और तनाव से ही चलती है। डॉ. अब्दुल्ला ने एक अखबार में पाकिस्तान के राजदूत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान के राजदूत ने कहा है कि उनका मुल्क भारत के साथ दोस्ताना संबंध चाहता है। अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो फिर समस्या कहां है? उन्होंने कहा कि जिस तरह से यहां मीडिया ने पंजाब के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत ¨सह सिद्धू को पाकिस्तान का दौरा करने पर निशाना बनाया है, वह सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि अगर देश में सुरक्षा-शांति और विश्वास का माहौल बनाए रखना है तो अल्पसंख्यकों पर हमले बंद होने चाहिए। हमें सभी नागरिकों को और मजहब का सम्मान करना होगा। किसी मुस्लिम ने कभी किसी इसाई या किसी ¨हदू को अपना खान-पान बदलने या अपने मजहबी स्थल पर जाने से नहीं रोका। लेकिन जब कुछ लोग हमें यह कहते हैं कि हम यूं नमाज अदा न करें, इस तरह अजान न दें तो तो वह महात्मा गांधी के ¨हदोस्तान को ही बदलने की बात करेंगे। कश्मीरी पंडितों पर हमले की आंशका की अफवाह फैलाई जा रही :

नेकां प्रमुख ने विभिन्न एजेंसियों पर वादी में बचे खुचे कश्मीरी पंडितों पर हमले की आंशका की खबरें फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। आम कश्मीरी मुस्लिम और नेशनल काफ्रेंस कश्मीरी पंडित भाइयों की हिफाजत के लिए हमेशा आगे खड़ा है। उन्होंने कहा कि मैं नेकां कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि एक नया खतरा सामने खड़ा है। यहां अफवाह फैलाई जा रही हैं और मेरा मानना है कि जिस तरह से पूर्व राज्यपाल जगमोहन के समय में यहां कश्मीरी पंडितों पर हमले की अफवाह फैलाई गई थी, उसी तरह अब एजेंसियां अफवाहें फैला रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपने कश्मीरी पंडित भाइयों को यकीन दिलाता हूं कि न सिर्फ नेशनल कांफ्रेंस बल्कि पूरे कश्मीर की अवाम चाहे वह हुर्रियत से जुड़े हो या कांग्रेस या पीडीपी से, सभी यहां ¨हदुओं और कश्मीरी पंडितों की हिफाजत के लिए तैयार खड़े हैं।

Posted By: Jagran