जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मुठभेड़ जारी, जैश के कई आतंकी घिरे; गोलीबारी में सात जवान घायल
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंगपोरा में सुरक्षाबलों और पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। ...और पढ़ें
HighLights
किश्तवाड़ के सिंगपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़।
जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकी इलाके में फंसे।
दोनों ओर से भीषण गोलीबारी, ऑपरेशन जारी।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हो गई है। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। मुठभेड़ के दौरान सात जवान घायल हो गए। घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
सुरक्षाबलों के चक्रव्यूह में जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकी घिरे हुए हैं। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि रविवार को किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में मुठभेड़ शुरू हुई।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। सर्च ऑपरेशन के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
मौके पर भेजे गए अतिरिक्त सुरक्षाबल
जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेज दिए गए हैं और आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
अधिकारियों ने आगे कहा कि इलाके में गोलीबारी जारी है। खुफिया रिपोर्टों के बाद से जम्मू डिवीजन के कठुआ, पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़, डोडा, उधमपुर और रियासी सुरक्षा बलों की निगरानी में है। इन जिलों के घने जंगलों वाले पहाड़ी इलाकों में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की खबरें मिली थीं।
आतंकियों को मार गिराने की कोशिश
इस ऑपरेशन का नेतृत्व 17 राष्ट्रीय राइफल्स, 11 राष्ट्रीय राइफल आसाम राइफल और 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज भी जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद कर रही है। पूरे दिन सारा दिन रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही, लेकिन कोई भी आतंकवादी सुरक्षाबलों के हत्थे नहीं चढ़ सका।
यह वही आतंकवादी है जिसका नेतृत्व जैशे मोहम्मद का आतंकवादी सैफुल्लाह और आदिल कर रहे हैं इनके साथ एक या दो आंतकवादी और भी शामिल है इन आतंकवादियों का गुट पिछले दो सालों से इस इलाके में सक्रिय है।
यह आतंकवादी कभी नेदगांव, कभी कुशाल, कभी लोहिधार, तराशी, गुरीनाल, तथा सिंहपुरा, इलाके में घूमते रहते हैं और अभी तक इन आतंकवादियों के साथ एक दर्जन के करीब मुठभेड़ हो चुकी है।
