राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने वीरवार को राज्य में बिजली आपूíत में व्यापक सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से ऊर्जा क्षेत्र में शुरू की गई फ्लैगशिप परियोजनाओं का यथासंभव अधिकतम लाभ लेने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक बिजली कवरेज के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध पर्याप्त केंद्रीय वित्त पोषण के साथ राज्य के उर्जा विकास विभाग (पीडीडी) को दूरदराज क्षेत्रों में बिजली की आपूíत बढ़ाने के लिए हर उपाय करना चाहिए। वह आज शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआइसीसी) में केंद्रीय विद्युत क्षेत्र की योजनाओं के कार्यान्वयन की केंद्रीय उर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके ¨सह के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि कि पीडीडी को बिजली उत्पादन और राज्य में ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क के उन्नयन को सुनिश्चित बनाने के लिए वित्तीय संसाधनों का पूरी समझदारी से उपयोग करना चाहिए। पीडीडी को उन इलाकों में जहां लोग बिजली संकट झेल रहे हैं, में त्योहारों और छात्रों की परीक्षाओं के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। पीडीडी को कम से कम उन इलाकों में जहां शत प्रतिशत मीटर लगे हैं और राजस्व वसूली 95वे फीसद से ऊपर है, निर्बाध बिजली आपूíत को यकीनी बनाना चाहिए।

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परियोजना का विवरण मांगा

राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री ने आर-आरएपीडीआरपी, सौभाग्य, आइडीपी, पीएमडीपी, डीडीजीजीवाइ और आरजीजीवीवाइ की विस्तृत समीक्षा की और प्रत्येक योजना के कार्यान्वयन के संबंध में परियोजनावार विवरण मांगा।

----------------- केंद्रीय मंत्री ने पिछले कुछ महीने में राज्य में बिजली से वंचित गांवों के विद्युतीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में बुनियादी बिजली ढांचे के उन्नयन के माध्यम से बिजली आपूर्ति परिदृश्य में समग्र सुधार सुनिश्चित करने के लिए एक नई गति चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में बिजली संकट गंभीर ¨चता का विषय है। केंद्र सरकार इस समस्या के समाधान के लिए हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है।

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बिजली की कमी दूर करने

के उपायों को तेज करें

केंद्रीय मंत्री ने तात्कालिक और समन्वित तरीके से राज्य में बिजली की कमी दूर करने के उपायों को तेज करने के लिए कहा। उन्होंने राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने, ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क में सुधार, टीएंडडी घाटे को कम करने और चल रही योजनाओं के त्वरित समापन पर ध्यान केंद्रित करने के साथ विद्युत बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्ति में सुधार के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। स्मार्ट मीटर की स्थापना सहित तकनीकी हस्तक्षेपों से बिजली चोरी पर काबू पाया जाना चाहिए।

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केंद्र हर घर में बिजली

आपूर्ति के लिए प्रयासरत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में व्यक्तिगत घरेलू उपभोक्ता राज्य में बिजली की मद में जमा होने वाले राजस्व में सबसे बड़े योगदानकर्ता हैं। केंद्र सरकार मार्च 2019 तक हर घर में बिजली आपूर्ति के लिए प्रयासरत है। जम्मू-कश्मीर इस लक्ष्य को हासिल करने की समय सीमा में आगे चल रहा है। ¨प्रट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देश भर के लोगों को इस मोर्चे पर राज्य सरकार के प्रदर्शन के बारे में बताना जरूरी है। उन्होंने सौभाग्य योजना के तहत तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए जम्मू-कश्मीर को 200 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया।

--------------- केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 132/33 केवी उप स्टेशन को वीरवार पीएमडीपी के तहत गुरेज और तुलैल में 20 एमवीए प्रत्येक की 294.63 करोड़ रुपये लागत से बांडीपोर से दावारिन गुरेज तक टावर संरचनाओं पर डबल सर्किट 132 केवी लाइन और दावारिन से तुलैल तक एकल सर्किट 132 केवी लाइन को मंजूरी दे दी। आयुक्त/सचिव पावर, हृदेश कुमार ¨सह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति से परियोजनाओं की स्थिति का अवलोकन किया।

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आर-एपीडीआरपी के तहत

367 करोड़ रुपये मिले थे

केंद्रीय मंत्री को सूचित किया गया कि आर-एपीडीआरपी के तहत 504.54 करोड़ रुपये में से 367 करोड़ रुपये मिले थे। 31-08-2018 तक 88 करोड़ खर्च हुए। इसी तरह, आइपीडीएस के तहत 37.99 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 6.33 करोड़ रुपये खर्च हुए। आइपीडीएस (पीएमडीपी-शहरी) के तहत 327.67 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और 11.42 करोड़ रुपये खर्च हुए। डीडीयूजीजेवाइ के तहत 117.29 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई और 40.41 करोड़ खर्च किए गए। सौभाग्य के तहत 34.02 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और 21.55 करोड़ रुपये खर्च किए। डीडीजीजीवाइ (पीएमडीपी-ग्रामीण) के तहत 17 9.75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और अगस्त 2018 अंत तक 12.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

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Posted By: Jagran