राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : आतंकियों के साथ पकड़े गए निलंबित डीएसी देविदर सिंह के मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने शुक्रवार को दक्षिण कश्मीर के पिगलना (पुलवामा) में एक दारुल उलूम के चेयरमैन समेत चार लोगों से पूछताछ की। अभी किसी को हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों ने बताया कि एनआइए टीम ने स्थानीय पुलिस दल के साथ पिगलिना में एक दारुल उलूम (मदरसा) में छापा मारा। इस दारुल उलूम में इन दिनों निर्माण कार्य जारी है। एनआइए ने मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके बाद एनआइए ने पिगलिना आकाफ कमेटी के प्रधान और दारुल उलूम के चेयरमैन मोहिउद्दीन शेख, मुफ्ती शौकत अहमद नाईक और जावेद अहमद नजार के अलावा एक अन्य व्यक्ति से तीन घंटे तक पूछताछ की। मोहिउद्दीन पुलवामा स्थित गवर्नमेंट ग‌र्ल्ज हायर सेकेंडरी स्कूल का प्रिसिपल भी है।

सूत्रों ने बताया कि पिगलिना में यह छापेमारी और पूछताछ आतंकी नवीद मुश्ताक और क्रॉस एलओसी व्यापारी तनवीर अहमद वानी से पूछताछ के दौरान मिले सुराग पर हुई है। उन्होंने बताया कि देविदर सिंह के कथित तौर पर पिगलिना आकाफ कमेटी के प्रधान और दारुल उलूम के चेयरमैन मोहिउद्दीन शेख के साथ घनिष्ठ संबंध रहे हैं। तनवीर ने कथित तौर पर पिगलिना आकाफ कमेटी के प्रधान और दारुल उलूम के चेयरमैन मोहिद्दीन शेख को क्रॉस एलओसी ट्रेड के जरिए हुई अघोषित आय का बड़ा हिस्सा पहुंचाया है। क्या था मामला : देविदर सिंह को 11 जनवरी 2019 को पुलिस ने ही श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर पकड़ा था। डीएसपी देविदर सिंह एक कार में सवार था। कार में उसके साथ हिजबुल मुजाहिदीन का कुख्यात आतंकी नवीद मुश्ताक व आरिफ और लश्कर का ओवरग्राउंड वर्कर इरफान अहमद सवार थे। तीनों को सुरक्षाबलों की नजर से बचाकर सुरक्षित कश्मीर से बाहर लेजाने की फिराक में था। नवीद से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके भाई सईद इरफान को 23 जनवरी को गिरफ्तार किया। देविंदर और उसके आतंकी साथियों की निशानदेही पर कार में से एक एसाल्ट राइफल, तीन पिस्तौल,पांच ग्रेनेड, एसाल्ट राइफल के 174 कारतूस, पिस्तौल के 36 कारतूस व अन्य आपत्तिजनक साजो सामान भी पुलिस ने बरामद किया था। शुरुआत में इस मामले की जांच जम्मू कश्मीर पुलिस कर रही थी, लेकिन गृहमंत्रालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने इस 17 जनवरी को जांच का जिम्मा संभाला। एनआइए ने 10 फरवरी को त्राल के तनवीर अहमद वानी को गिरफ्तार किया। तनवीर वानी क्रॉस एलओसी ट्रेड में शामिल था। वह इस व्यापार की आड़ में आतंकियों की वित्तीय मदद कर रहा था। वह भी 15 दिन के पुलिस रिमांड पर एनआइए की हिरासत में है।

Posted By: Jagran

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