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दूधपथरी बनेगा कश्मीर का नया गुलमर्ग, उमर सरकार ने खोला मेगा प्लान का पिटारा; 7 नए इलाके बनेंगे टूरिस्ट स्पॉट

Published: Sun, 25 Oct 2026 04:32 PM (IST)

कश्मीर की दूधपथरी को अब सिर्फ एक पिकनिक स्पॉट नहीं, बल्कि गुलमर्ग की तरह एक पूर्ण विंटर और समर टूरिस्ट ...और पढ़ें

दूधपथरी बनेगा कश्मीर का नया गुलमर्ग। फोटो जागरण

दूधपथरी बनेगा कश्मीर का नया गुलमर्ग। फोटो जागरण

HighLights

  1. दूधपथरी को विंटर और समर टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाया जाएगा।

  2. 7 पड़ोसी इलाकों को पर्यटन विकास कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

  3. 400 गाड़ियों की पार्किंग और वे-साइड सुविधाएं विकसित होंगी।

राहुल शर्मा, श्रीनगर। कश्मीर की खूबसूरत वादी दूधपथरी को लेकर स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार रंग लाती दिख रही है। बडगाम के खानसाहिब इलाके के लोग लंबे समय से कह रहे हैं कि दूधपथरी के साथ-साथ उसके रास्ते में पड़ने वाले पोशकर, शोपियां, नौशहरा, ध्रुंग, हब्बर, बंगलापथरी, पालमैस्टरन और खानसाहिब जैसे अनछुए इलाकों को भी पर्यटन से जोड़ा जाए ताकि स्थानीय रोजगार बढ़े और भीड़ का दबाव सिर्फ एक जगह पर न रहे।

विधायक सैफ-उद्दीन भट द्वारा लोगों की इस मांग को सरकार के समक्ष जोरशोर से रखने के बाद सरकार ने मेगा प्लान का पिटारा खोलते हुए यह स्पष्ट किया कि दूधपथरी को लेकर उनका विजन अब सिर्फ एक पिकनिक स्पॉट तक सीमित नहीं, बल्कि इसे एक पूर्ण विंटर और समर टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने का है।

7 नए इलाके पर्यटन में जुड़ेंगे

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी मांग थी कि दूधपथरी के साथ उसके 7 पड़ोसी इलाकों को भी टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोग्राम में शामिल किया जाए। इस पर पर्यटन विभाग ने कहा है कि पूरे प्रदेश में नए पर्यटन स्थलों की पहचान का काम शुरू हो चुका है। विभाग ने गत माह स्थानीय लोगों, राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर दूधपथरी और वहां जाने वाले पूरे रूट का दौरा किया है।

विभाग ने इस बात का यकीन दिलाया कि जो भी जगह टूरिज्म के लायक होगी, उसे भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाएगा, बशर्ते वहां जमीन उपलब्ध हो और सरकारी मंजूरी मिल जाए। अच्छी खबर ये है कि बंगलापथरी और जोगा से सीताहरण तक सरकारी जमीन की पहचान, निशानदेही और ट्रांसफर की प्रक्रिया राजस्व विभाग के साथ शुरू कर दी गई है।

स्नो स्केटिंग, ड्रैग लिफ्ट शुरू

दूधपथरी में हालांकि बर्फ के खेलों को लेकर युवाओं में भारी उत्साह है, लेकिन सुविधाओं की कमी खलती थी। सरकार ने बताया कि 2023 से ही दूधपथरी में स्नो स्कीइंग समेत एडवेंचर एक्टिविटी शुरू कर दी गई हैं और हर सर्दी में ये नियमित रूप से हो रही हैं।

इस साल 2026 से एक बड़ी सौगात मिली है कि ड्रैग लिफ्ट बनकर तैयार है और चालू कर दी गई है। इससे स्कीयर्स को ऊपर जाने में आसानी होगी और विंटर ट्रेनिंग कैंप नियमित रूप से लग सकेंगे।

जहां तक सबके पसंदीदा गोंडोला-केबल कार प्रोजेक्ट की बात है, तो विभाग ने माना है कि प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी, जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने और फंड उपलब्ध होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

दूधपथरी में नहीं लगेगा जाम, नहीं फैलेगा प्रदूषण

हर साल बढ़ती भीड़ के कारण दूधपथरी में गाड़ियों का जाम और प्रदूषण स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए बड़ी समस्या बन गया था। विधायक ने इसी को लेकर वे-साइड दुकानों और पार्किंग की मांग उठाई थी।

इस पर विभाग ने दो बड़े फैसलों की जानकारी दी है कि अरीगाम से रयार इच तक के रास्ते में 5 अलग-अलग जगहों पर सरकारी जमीन चिन्हित की गई है जहां वे-साइड सुविधाएं बनेंगी।

इसमें स्थानीय चाय विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों के लिए भी जगह होगी। इसके लिए 50 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और अब टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

400 गाड़ियों की मेगा पार्किंग

उनटीखल में उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल करने की मांग पर विभाग ने बताया कि क्रालपथरी में शीप फार्म के पास 25 कनाल जमीन पर एक टूरिस्ट ट्रांजिट हब बनाया जाएगा, जहां एक साथ 400 गाड़ियां पार्क हो सकेंगी। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत 7.5 करोड़ रुपये की लागत से बनाकर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को भेजी जा चुकी है।

विभाग का मानना है कि इस हब के बनने से दूधपथरी में गाड़ियों की बेतरतीब आवाजाही रुकेगी, ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधरेगा और मुख्य डेस्टिनेशन पर वाहनों का दबाव कम होगा, जो प्रदूषण रोकने में सबसे बड़ा कदम साबित होगा।