नवीन नवाज, श्रीनगर : डॉ. एसपी वैद को हटाए जाने के बाद शुक्रवार को महानिदेशक कारावास दिलबाग ¨सह ने जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवाद का समूल नाश ही मेरा लक्ष्य है।

1987 बैच के आइपीएस दिलबाग ¨सह ने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, वह मेरे लिए सम्मान और गर्व की बात है। यहां बहुत सी चुनौतियां हैं, लेकिन मुझे यकीन है कि राज्य पुलिस इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेगी। मैं आतंकवाद के समूल नाश को यकीनी बनाते हुए सभी पुलिस अधिकारियों व जवानों के कल्याण के लिए विशेष रूप से प्रयासरत रहूंगा। जम्मू कश्मीर पुलिस ने देश-विदेश में एक प्रतिष्ठित पेशेवर पुलिस संगठन के रूप में अपना स्थान बनाया है और इसकी प्रतिष्ठा को और ऊंचे मुकाम तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इससे पूर्व पुलिस मुख्यालय में निवर्तमान महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने दिलबाग सिंह को औपचारिक रूप से कार्यभार एवं बेटन सौंपी। कार्यभार संभालने के बाद दिलबाग ¨सह ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में शांति बहाली की प्रक्रिया में तेजी लाने और लोगों को एक सुरक्षित और विश्वासपूर्ण माहौल प्रदान करने के लिए हर संभव कदम उठाने को कहा। दोपहर बाद उन्होंने सभी जिला एसएसपी से बैठक कर उनसे उनके कार्याधिकार क्षेत्र की गतिविधियों का जायजा लिया। इससे पूर्व पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें गाडॅ ऑफ ऑनर पेश किया गया। इस मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

------------------------

वैद ने जताया ईश्वर का आभार :

पुलिस महानिदेशक के कार्यभार से मुक्त होने से पूर्व डॉ. एसपी वैद ने कहा कि मैं ईश्वर का आभारी हूं कि उसने मुझे देश और नागरिकों की सेवा का मौका दिया। मैं पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और राज्य के नागरिकों का भी शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझमें विश्वास जताते हुए रियासत में शांति, कानून व्यवस्था का माहौल बनाए रखने में मेरा सहयोग किया। वैद ने कहा कि जम्मू कश्मीर का नागरिक होने के नाते मैंने हमेशा यहां जारी ¨हसा के दुष्चक्र को समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन अफसोस है कि यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया। अलबत्ता, हमारी पुलिस ने इस पर बहुत हद तक काबू पाया है और उम्मीद है कि जल्द ही ¨हसा के इस वातावरण को पुलिस पूरी तरह समाप्त कर यहां शांति का माहौल कायम करेगी। जब भी यहां किसी की मौत होती है, चाहे वह सुरक्षाबलों का जवान हो, राज्य पुलिस का जवान हो या कोई आतंकी या नागरिक, मेरे लिए हमेशा पीड़ादायक रही है। नए महानिदेशक को मेरी शुभकामनाएं। मेरी एकमात्र ¨चता राज्य के युवा हैं, जो नाहक अपनी जान गंवा रहे हैं। जितनी जल्दी यहां खूनखराबा बंद होगा, उतना ही बेहतर होगा।

----------------

उमर ने पूछा तबादले में इतनी जल्दबाजी क्यों :

नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य पुलिस महानिदेशक को बदलने के समय और औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसपी वैद को हटाने की जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं थी। वह भी तब जब उनके उत्तराधिकारी को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। उमर ने ट्वीट किया कि वैद के स्थानापन्न की स्थायी व्यवस्था होने के बाद ही उन्हें हटाया जाना चाहिए था। नेतृत्व के भ्रम से निपटने के अलावा भी जम्मू कश्मीर पुलिस के पास काफी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा महानिदेशक बदलना प्रशासन का विशेष अधिकार है, लेकिन अस्थायी व्यवस्था के तौर पर पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति क्यों? मौजूदा महानिदेशक नहीं जानते कि क्या वह इस पद पर रहेंगे और अन्य लोग उनका स्थान लेने की कोशिश करेंगे। इसमें से कुछ भी जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए अच्छा नहीं है।

----------------

Posted By: Jagran