आतंकियों पर शिकंजा, युवाओं से दोस्ती... DGP नलिन ने बताया जम्मू-कश्मीर का नया चेहरा; गिनाए कई रिकॉर्ड
पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने सितंबर माह को जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए उपलब्धियों भरा बताया, जिसमें आतंकवाद विरोधी अभियानों के ...और पढ़ें

DGP नलिन ने बताया जम्मू-कश्मीर का नया चेहरा। फाइल फोटो
HighLights
आतंकवाद विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था में पुलिस की सफलता।
नशे के खिलाफ 3257 मामले दर्ज, 138 करोड़ की संपत्ति अटैच।
युवाओं को खेल व सामुदायिक कार्यक्रमों से जोड़कर सकारात्मक बदलाव।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियानों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस ने सितंबर महीने को उपलब्धियों से भरा बताया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों के बीच पुलिस लगातार आतंकियों की योजनाओं को नाकाम करने के साथ-साथ समाज में शांति और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने पर भी काम कर रही है।
श्रीनगर की डल झील स्थित लेक व्यू एनवायरनमेंटल पार्क में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन के फ्लैग-इन समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि सितंबर पुलिस के लिए कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल उपलब्धियों वाला महीना रहा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम व जांच की जिम्मेदारी भी निभा रही है।
मैराथन में बच्चों और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को डीजीपी ने जम्मू-कश्मीर में बदलते माहौल का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा हिंसा के बजाय शांति, विनाश के बजाय प्रगति और अंधेरे के बजाय रोशनी को चुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ रहा है। पुलिस की ओर से युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताओं और सिविक एक्शन प्रोग्राम जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज
डीजीपी ने नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का भी ब्योरा दिया। उनके अनुसार अब तक 3257 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 2500 से अधिक मामलों का निपटारा हो चुका है और करीब 4000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में 170 दोषसिद्धियां भी हुई हैं।
नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई के तहत 288 संपत्तियां, जिनकी कुल कीमत 138 करोड़ रुपये से अधिक है, अटैच की गई हैं। इसके अलावा 80 लाख रुपये से अधिक की नकदी भी जब्त की गई है।
डीजीपी ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम के तहत निवारक हिरासत में भी जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई जारी है। उनके अनुसार 144 लोगों को इस कानून के तहत बुक किया गया है।
यात्रा से रेस्क्यू तक निभाई अहम भूमिका
डीजीपी ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान पुलिस की भूमिका का भी उल्लेख किया। इस साल जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस की 19 माउंटेन रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया था। उन्होंने गुलमर्ग गोंडोला हादसे के बाद फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में पर्वतीय बचाव दल और एसबीआरएफ कर्मियों के प्रयासों की सराहना की।
पुलिस के जवानों की उपलब्धियां केवल सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं रहीं। डीजीपी ने बताया कि सशस्त्र पुलिस के कर्मियों ने पर्वतारोहण और खेलों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इनमें लद्दाख की कांग यात्से और अनंतनाग की कोलाहोई चोटियों पर सफल अभियान तथा वियतनाम में एशियन चैंपियनशिप में पदक जीतना शामिल है।
डीजीपी ने कहा कि युवाओं और पुलिस के बीच संपर्क लगातार मजबूत हो रहा है। उनके मुताबिक खेल, सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए पुलिस और युवाओं के बीच यह जुड़ाव आगे भी बढ़ाया जाएगा।
