राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : निकाय और पंचायत चुनावों में भाग लेने को लेकर अपने सभी विकल्प खुले रखते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गुलाम अहमद मीर ने बुधवार को कहा कि पहले केंद्र व राज्य सरकार को इन चुनावों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वह चुनाव कराना चाहते हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि राज्य व केंद्र सरकार राज्य के हालात का पता लगाने के लिए ही इन चुनावों को कराने का एलान किया है। केंद्र, राज्य के हालात और चुनाव को लेकर गंभीर नजर नहीं आता। जीए मीर ने कहा कि हमारा मानना है कि राज्य व केंद्र सरकार ने यहां के हालात को समझे बिना ही चुनावों का एलान किया है। यहां का सुरक्षा परिदृश्य मतदान के लिए साजगार नजर नहीं आता। प्रदेश कांग्रेस की कोर समिति की मंगलवार को हुई बैठक में हमने सभी मुद्दों पर विचार विमर्श किया। इसके बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक से भेंट कर उन्हें यहां के हालात, निकाय और पंचायत चुनावों से जुड़े मुद्दों के बारे में अवगत कराने का प्रयास किया। उनसे मिलने के बाद हमें लगा कि राज्यपाल प्रशासन भी राज्य में चुनावों को लेकर असमंजस की स्थिति में है। यहां तो हर समय सरकारी नीतियां और राज्य के हालात को लेकर नीतिगत फैसले बदल रहे हैं। सरकार खुद दुविधा में नजर आती है।

जीए मीर ने कहा कि राज्य में मौजूदा हालात निकाय और पंचायत चुनाव लायक नहीं है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या तो सुरक्षा की है। राज्य सरकार को चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी सियासी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सुरक्षा का यकीन दिलाना चाहिए। राज्य के हालात और निकाय व पंचायत चुनावों को लेकर केंद्र व राज्यपाल प्रशासन में हमें विश्वास की कमी नजर आई है।

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस चुनावों में भाग लेगी या बहिष्कार करेगी तो उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ चुनावों का एलान हुआ है। चुनावों की अधिसूचना जारी होने दें, मतदान की तिथि की घोषणा होने दें। उसके बाद ही हम अंतिम फैसला लेंगे।

Posted By: Jagran