राज्य ब्यूरो, जम्मू: मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने जम्मू-कश्मीर को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए एक महीने तक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान पौष्टिक और संतुलित आहार के बारे में सभी को जागरूक करने के लिए कहा गया है। यही नहीं, कुपोषण के मामलों की पहचान भी की जाएगी। वीरवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव ने पंचायतों में फूड ग्रिड बनाने तथा कुपोषण को दूर करने के लिए सामुदायिक रसोई स्थापित करने को कहा। इसके लिए उन्होंने उपायुक्तों की सहायता लेने को कहा। उन्होंने जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए कि अगर कुपोषण या फिर भुखमरी का कोई भी मामला सामने आता है तो सहायता के लिए तुरंत तहसील सप्लाई अधिकारी के संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने खाद्य, आपूर्ति विभाग को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, मिड डे मील, एकीकृत बाल विकास योजना, के तहत खाना उपलब्ध करवाने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुपोषण के मामलों को भी देखने को कहा। अगर कोई लाभार्थी लाभ से वंचित है तो उसे भी सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा गया। श्रम और रोजगार विभाग को श्रमिकों की खाद्य जरूरतों का आकलन करने को कहा गया। इसके अलावा आपदा के दौरान जम्मू और श्रीनगर में एक-एक सामुदायिक रसोई स्थापित करने को भी कहा गया। बैठक में बताया गया कि समाज कल्याण विभाग ने बच्चों के विकास की निगरानी करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को उपकरण दिए हैं। विभाग लगातार बच्चों के विकास पर नजर रखे हुए है। अगर कोई भी बच्चा कुपोषित मिलता है तो जरूरी कदम उठाए जाते हैं। मुख्य सचिव ने विभाग को निर्देश दिए कि वह बच्चों को पौष्टिक आहार दें। बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा खाद्य आपूर्ति विभागों के प्रशासनिक सचिव मौजूद थे।

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