जम्मू-कश्मीर में फर्जी नौकरी-ठगी सिंडिकेट पर शिकंजा तेज, तीन और जालसाज गिरफ्तार; अब तक 5 पहुंचे जेल
बडगाम पुलिस ने फर्जी नौकरी और वित्तीय धोखाधड़ी सिंडिकेट मामले में तीन और को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों ...और पढ़ें

बडगाम में फर्जी नौकरी ठगी सिंडिकेट मामले में तीन और आरोपी गिरफ्तार। (फाइल फोटो)
HighLights
फर्जी नौकरी सिंडिकेट में बडगाम पुलिस ने की तीन गिरफ्तारियां।
कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या अब बढ़कर पांच हुई।
पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। फर्जी नौकरी और वित्तीय धोखाधड़ी के कथित सिंडिकेट के खिलाफ बडगाम पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए शुक्रवार को मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या पांच हो गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और कथित ठगी के पूरे दायरे का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान बांडीपोरा जिले के वाटपोरा निवासी जाहूर अहमद भट, कालूसा निवासी इम्तियाज अहमद भट और प्लान निवासी सलीम अली भट के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान जाहूर अहमद भट कथित साजिश के एक प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया है। वहीं, तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि कथित सिंडिकेट में उनकी अलग-अलग भूमिकाओं का पता लगाया जा सके और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में जहांगीर अहमद डार और फिरदौस अहमद भट को गिरफ्तार किया था। अब तीन और गिरफ्तारियों के बाद पुलिस इस कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
राजनीतिक हस्तियों से संबंध होने का दावा कर जीतते थे भरोसा
पुलिस के मुताबिक, इस कथित सिंडिकेट पर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने, जम्मू-कश्मीर से बाहर शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला करवाने और आकर्षक कारोबारी अवसर उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है। कथित तौर पर इस काम के लिए काल्पनिक कारोबारी संस्थाओं का भी इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों से अपने संबंध होने का दावा करते थे। इन दावों के जरिए लोगों को भरोसे में लेकर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी।
धोखाधड़ी से मिली रकम के लेन-देन की जांच
पुलिस अब कथित धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि पीड़ितों से प्राप्त धनराशि के लेन-देन का पता लगाया जाए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध सहयोगियों की पहचान की जा सके।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है। फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ और वित्तीय साक्ष्यों की पड़ताल के जरिए कथित सिंडिकेट की गतिविधियों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है।
