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'स्टेटहुड चाहिए, ऑटोनॉमी नहीं...', प्रस्ताव के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में BJP चलाएगी अभियान, सुनील शर्मा ने बताया प्लान

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Mon, 28 Sep 2026 05:05 PM (IST)

भाजपा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लाए गए एक प्रस्ताव के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाएगी। पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने के ...और पढ़ें

सुनील शर्मा ने कहा- BJP 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े संदर्भ का समर्थन नहीं करेगी।

सुनील शर्मा ने कहा- BJP 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े संदर्भ का समर्थन नहीं करेगी।

HighLights

  1. भाजपा जम्मू-कश्मीर विधानसभा प्रस्ताव के खिलाफ अभियान चलाएगी।

  2. पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  3. 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति के संदर्भों का विरोध।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा है कि विधानसभा में लाए गए प्रस्ताव में राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे के साथ 2000 और 2024 के प्रस्तावों के संदर्भ शामिल किए जाने के विरोध में भाजपा पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदेशव्यापी अभियान चलाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा राज्य का दर्जा बहाल करने के पक्ष में है, लेकिन 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े किसी भी संदर्भ का समर्थन नहीं करेगी।

श्रीनगर में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सुनील शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यहां पाकिस्तान के एजेंडे के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा का प्रस्ताव केवल राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित रहता, तो भाजपा उसका समर्थन करती।

उन्होंने कहा, 'राज्य का दर्जा बहाल करना भाजपा का एजेंडा है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। यह होकर रहेगा।' शर्मा ने कहा कि भाजपा राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन करती है, लेकिन प्रस्ताव में 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और 2024 में विशेष दर्जे से संबंधित प्रस्ताव के संदर्भ शामिल किए जाने पर उसकी आपत्ति है।

विपक्ष के नेता के अनुसार, इन संदर्भों में जम्मू-कश्मीर की 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संदर्भ संविधान के अनुरूप नहीं हैं और भाजपा इनका विरोध करेगी।

कांग्रेस और नेकां पर उठाए सवाल

सुनील शर्मा ने कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उसकी स्थिति सामने आ गई है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस 1953 से पहले की स्थिति, अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए से जुड़ी व्यवस्था की बहाली चाहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ऐसे मुद्दों को दोबारा उठाने का प्रयास कर रही हैं, जिनका जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है। शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील क्षेत्र है और पड़ोसी देश परिस्थितियों का फायदा उठाने तथा शांति भंग करने का प्रयास करते रहे हैं।

राज्य का दर्जा बहाली पर भाजपा प्रतिबद्ध

शर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर में स्थिति शांतिपूर्ण है और राज्य का दर्जा बहाल करना प्रमुख लंबित मांग है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समक्ष राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार रखती रही है और इस पर पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राज्य का दर्जा बहाल करने की समयसीमा को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समयसीमा तय नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा और इस विषय पर जल्दबाजी में चर्चा करने के बजाय उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना

विपक्ष के नेता ने भाजपा की आपत्तियों के बावजूद प्रस्ताव को सदन में पेश किए जाने की अनुमति देने पर विधानसभा अध्यक्ष की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर प्रस्ताव पेश किया है।

सुनील शर्मा ने दोहराया कि भाजपा प्रस्ताव में शामिल उन प्रावधानों और संदर्भों का विरोध करेगी, जो 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी पूरे जम्मू-कश्मीर में अभियान चलाएगी।