राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : ब्लॉक विकास परिषद के चुनाव में खलल डालने की रची जा रही साजिश को नाकाम बनाने के लिए राज्य प्रशासन ने कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पंच-सरपंचों की भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसमें बदलाव किए गए हैं। उन्हें कहा है कि वे अपनी पंचायतों के दौरे के दौरान सावधानी बरतते हुए यथासंभव अंजान लोगों से मिलने से बचें।

गौरतलब है कि वादी में बीते दो माह से पसरी शांति से आतंकी संगठन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आइएसआइ) हताश है। हिजबुल मुजाहिदीन को पंच-सरपंचों को निशाना बनाने का जिम्मा सौंपा है। बीडीसी चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया बुधवार को ही संपन्न हुई है। जबकि मतदान 24 अक्टूबर को होना है।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि ब्लॉक विकास परिषदों के गठन की प्रक्रिया शांति, सुरक्षा और विश्वास के माहौल में कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पंच-सरपंचों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने बताया कि पंच-सरपंचों के प्रोफाइल और उनके क्षेत्र की परिस्थितियों के आधार पर सुरक्षा का बंदोबस्त किया है। चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ रहे पंचायत प्रतिनिधियों को अगर चुनाव प्रचार के लिए कहीं जाना होगा तो उसे संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को सूचित करना होगा। उन्हें निर्देशावली देते हुए उसका पालन करने के लिए कहा है। होटलों में ठहराए पंच-सरपंच

इस समय कश्मीर में जो भी पंच-सरपंच हैं, उनमें से कुछेक ही अपने घरों में हैं। अधिकांश पंच-सरपंच श्रीनगर में राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई सुरक्षित आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं। यह सुविधा विभिन्न होटलों में उपलब्ध कराई है। इन होटलों की सुरक्षा मे बदलते हालात के मुताबिक आवश्यक सुधार किया है। सभी होटल दो-ढाई किलोमीटर के दायरे में ही हैं। होटलों के भीतर-बाहर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी अंजान व्यक्ति को होटल में दाखिल न होने दें। अगर कोई वहां रुके पंच-सरंपच से मिलने आता है तो पहले संबंधित पंचायत प्रतिनिधि या उसके किसी करीबी से उसकी पहचान कराएं। उन्होंने बताया कि कुछ पंच-सरपंचों को संबंधित जिला मुख्यालयों में सुरक्षित आवासीय सुविधा गई है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उम्मीदवारों को पंचायतों के गठन की चुनाव प्रक्रिया की तुलना में बहुत कम मेहनत करनी है। उन्हें सिर्फ संबंधित ब्लॉक के पंच-सरपंचों के बीच चुनाव प्रचार करना है। यह सभी लोग फिलहाल एक दूसरे के नजदीक ही रह रहे हैं। इससे इनकी सुरक्षा को यकीनी बनाने में मदद मिल रही है। इसके बावजूद अगर कोई उम्मीदवार किसी क्षेत्र विशेष में जाकर अपने संभावित वोटर से मिलना चाहता है, तो मिल सकता है, लेकिन उसे सिक्योरिटी ड्रिल का पालन करना होगा। सूत्रों की मानें तो श्रीनगर में पंच-सरपंचों को सात होटलों में ही आवासीय सुविधा दी गई है। कश्मीरी पंडित समुदाय से संबंधित पंच-सरपंचों को एक होटल में रखा गया है।

Posted By: Jagran

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