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जम्मू-कश्मीर: इमरजेंसी में फेसबुक मैसेज के भरोसे न रहें, 112 पर करें कॉल; बारामूला पुलिस की लोगों से अपील

Published: Fri, 23 Oct 2026 06:51 PM (GMT+05:30)

बारामूला पुलिस ने नागरिकों से आपातकालीन सहायता और शिकायतों के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन (112, 1930) का उपयोग करने की अपील ...और पढ़ें

इमरजेंसी में 112 और साइबर ठगी पर 1930 करें कॉल। (फाइल फोटो)

इमरजेंसी में 112 और साइबर ठगी पर 1930 करें कॉल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आपात स्थिति में 112 नंबर पर तुरंत कॉल करें।

  2. साइबर अपराध के लिए 1930 हेल्पलाइन का उपयोग करें।

  3. फेसबुक संदेश औपचारिक शिकायत का विकल्प नहीं।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। आपात स्थिति में मदद चाहिए या साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करानी है, तो इंटरनेट मीडिया पर संदेश भेजने के बजाय सही हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें। जिला पुलिस बारामूला ने नागरिकों के लिए सार्वजनिक सूचना जारी कर लोगों से अपील की है कि वे आपातकालीन सहायता, शिकायतों और पुलिस से संपर्क के लिए निर्धारित आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी आपात स्थिति, तत्काल खतरे या अपराध को होते हुए देखने पर 112 नंबर पर कॉल करें। यह इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम का नंबर है। ऐसे मामलों में फेसबुक पर मैसेज या कमेंट करके मदद का इंतजार करना उचित नहीं है।

वहीं, साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए 1930 हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा लोग आधिकारिक ईमेल dpobaramulla@jkpolice.gov.in के जरिए भी पुलिस तक संदेश भेज सकते हैं।

फेसबुक पेज सुबह 9 से शाम 5 बजे तक होता है मॉनिटर

जिला पुलिस ने बताया कि उनका फेसबुक पेज सामान्यतः कार्यालय समय यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मॉनिटर किया जाता है। यह भी कर्मचारियों की उपलब्धता और परिचालन संबंधी जरूरतों पर निर्भर करता है। इस दौरान भेजे गए डायरेक्ट मैसेज और कमेंट का जवाब भी देर से मिल सकता है।

पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट मीडिया पर भेजा गया संदेश औपचारिक शिकायत का विकल्प नहीं है। शिकायत के लिए नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस पोस्ट पहुंचें अथवा जरूरत के अनुसार संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें।

आधिकारिक फेसबुक पेज से लें पुलिस अपडेट और ट्रैफिक एडवाइजरी

पुलिस ने नागरिकों को सार्वजनिक कमेंट में अपनी निजी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या गोपनीय दस्तावेज साझा नहीं करने की चेतावनी दी है। हर संदेश का व्यक्तिगत जवाब मिलना भी जरूरी नहीं है।

पुलिस ने लोगों से आधिकारिक फेसबुक पेज को फॉलो करने और वहां से सत्यापित पुलिस अपडेट, ट्रैफिक एडवाइजरी, जन सुरक्षा संबंधी सूचनाएं तथा जागरूकता अभियान की जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही, किसी भी सूचना को आगे साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करने पर भी जोर दिया।

पुलिस के अनुसार, नागरिकों का सहयोग पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध बनाने तथा विश्वसनीय जानकारी समय पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।