कश्मीर: बारामूला में बाईपास निर्माण से सहमे परिवार, घरों की नींव हिलने का दावा; भूस्खलन के डर से उड़ी नींद
बारामूला के खानपोरा में बाईपास सड़क निर्माण से पास के घरों की स्थिरता खतरे में है, जिससे निवासियों में भूस्खलन ...और पढ़ें

बारामूला के खानपोरा इलाके में बाइपास के निर्माण से हिल रही मकानों की नींव। (फाइल फोटो)
HighLights
बाईपास निर्माण से खानपोरा के घरों की स्थिरता खतरे में।
निवासियों को भूस्खलन और मकानों में दरारों का डर।
अधिकारियों से सुरक्षित पुनर्वास और कार्रवाई की मांग।
जगरण संवाददाता, श्रीनगर। बारामूला के खानपोरा इलाके के लोगों ने अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बाईपास सड़क के निर्माण कार्य से पास के रिहायशी मकानों की स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाईपास के हिस्से के ठीक नीचे बने कई घर निर्माण कार्य के कारण नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। उन्हें डर है कि लगातार हो रहे निर्माण कार्य से उनके घरों की नींव और कमजोर हो सकती है और इलाके में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
निवासियों का कहना है कि घरों की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता ने उन्हें बेचैन कर दिया है। कई लोग इस डर से सो नहीं पा रहे हैं कि उनके घरों को और नुकसान हो सकता है।
घरों में दरारें, हर वक्त अनहोनी का डर
एक स्थानीय महिला नुसरत ने कहा, 'कुछ घरों में पहले ही हल्की दरारें आ गई हैं और यह इलाका भूस्खलन की चपेट में आ गया है। हम हर समय इस डर में जी रहे हैं कि हमारे घरों को नुकसान हो सकता है।'
प्रभावित परिवारों ने अधिकारियों से उन्हें सुरक्षित जगह पर बसाने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उनके घरों को कोई बड़ा नुकसान होता है, तो वे आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे। वे खानपोरा के घनी आबादी वाले इलाकों से यहां आए थे और अपने घर बनाने में लाखों रुपये खर्च किए थे। कई परिवारों ने घर बनाने के लिए बैंकों से कर्ज भी लिया था। उन्होंने कहा कि बाईपास के निर्माण कार्य ने उनके घरों को सुरक्षा की जगह लगातार चिंता का कारण बना दिया है।
प्रभावित परिवारों ने कई बार प्रशासन से लगाई गुहार
स्थानीय व्यक्ति अखतर रसूल ने कहा, 'बन रही बाईपास सड़क के ठीक नीचे कुछ ही रिहायशी घर हैं। भारी निर्माण कार्य से हमारे घरों की नींव हिल गई है और हमें डर है कि उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।'
रसूल ने बताया कि प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन को कई बार अपनी शिकायतें सौंपी हैं और अपनी चिंताओं को दूर करने तथा घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दखल की मांग की है।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से प्रभावित घरों की स्थिति का जायजा लेने, तुरंत बचाव के उपाय करने और किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए दूसरी जगह बसाने के विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया है।
