पटवारी साहब, अब दफ्तर से गायब मिले तो होगी कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर के बारामुला में 'मोस्ट अर्जेंट' आदेश जारी
बारामुला प्रशासन ने पटवारियों की लगातार अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाया है। अब सभी पटवारियों को अपने कार्यालय में रोजाना ...और पढ़ें

बारामुला में पटवारियों को रोज दफ्तर में बैठना होगा। (फाइल फोटो)
HighLights
पटवारियों की अनुपस्थिति पर बारामुला प्रशासन का सख्त आदेश।
अब सभी पटवारियों को रोजाना कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य।
जनसेवा सुधारने और शिकायतों के त्वरित समाधान का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। बारामुला में अब जनता को पटवारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने पटवारियों की लगातार गैरहाजिरी से परेशान लोगों की शिकायतों पर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब बारामुला और नरबाव तहसील के सभी पटवारियों को रोजाना अपने दफ्तर में हाजिर रहना ही होगा।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आज 22 अक्टूबर से सभी पटवारी अपने-अपने पटवार खाने और तय कार्यालयों में वर्किंग ऑवर्स के दौरान मौजूद रहेंगे, इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, लंबे समय से लोगों की शिकायतें मिल रही थीं कि जरूरी काम, जमीन के कागज, इंतकाल और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए वे पटवार खानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन संबंधित पटवारी मौके पर नहीं मिलते। इसी वजह से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर से बचाने की पहल
इसी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है। यह अहम आदेश तहसीलदार बारामूला द्वारा 21 अक्टूबर को जारी किया गया है। यह आदेश सीधे डिप्टी कमिश्नर बारामूला के निर्देशों के बाद जारी किया गया है।
प्रशासन का मकसद एक ही है कि पब्लिक सर्विस डिलीवरी सिस्टम को सुचारू बनाना और लोगों को बेवजह की परेशानी से बचाना।
ड्यूटी से गैरहाजिर मिले तो होगी सख्त कार्रवाई
आदेश में सभी पटवारियों को निर्देश दिया गया है कि वे न सिर्फ अपने कार्यालय में मौजूद रहें, बल्कि लोगों की शिकायतों और समस्याओं का तुरंत समाधान भी करें। तहसीलदार ने इस मामले को 'मोस्ट अर्जेंट' बताते हुए सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी पटवारी आदेश का पालन नहीं करता है या गैरहाजिर मिलता है, तो उसके खिलाफ इसे गंभीरता से लिया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
