राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे नौगाम (कुपवाड़ा) की बर्फीली चोटियों में हिमस्खलन में लापता हुए सेना के जवान का पाíथव शरीर छह माह बाद बर्फ में दबा मिला। वीरवार को शहीद के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ परिजनों के पास भेजा गया।

सिपाही शम्मी ¨सह 11 दिसंबर 2017 को हिमस्खलन की चपेट में आया था। उनका शव बर्फ के तोदों के बीच दब गया था जो तमाम कोशिशों के बाद नहीं मिला था। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि गर्मियों में अग्रिम इलाकों में स्थित चोटियों पर बर्फ पिघलने के बाद सेना ने लापता शम्मी ¨सह का पता लगाने का अभियान दोबारा शुरू किया। बुधवार को जवान बर्फ में दबा मिला। शहीद शम्मी ¨सह के पाíथव शरीर को बादामी बाग स्थित चिनार कोर मुख्यालय परिसर में लाया गया। भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह में शहीद को अंतिम विदाई दी गई। मेजर जनरल एसके शर्मा चीफ ऑफ स्टाफ चिनार कोर और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों व जवानों ने शहीद को श्रद्धासुमन अíपत किए। प्रवक्ता ने बताया कि शहीद शम्मी ¨सह नौगाम सेक्टर के अग्रिम इलाके में तैनात सेना के ऑपरेशनल गश्तीदल का हिस्सा था। जब यह दल मिशन विशेष के लिए आगे बढ़ रहा था तो हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। 26 साल के शम्मी ¨सह वर्ष 2012 में सेना में शामिल हुए थे। वह हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के मकड़ौली, इंदौरा के रहने वाले थे। उनके परिवार में अब उनके माता-पिता रह गए हैं। श्रद्धांजलि समारोह के बाद पूरे सैन्य सम्मान के बाद तिरंगे में लिपटा शहीद शम्मी ¨सह का पाíथव शरीर हवाई जहाज के जरिए अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों के पास पहुंचाया है।

By Jagran