3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जम्मू बेस कैंप में उमड़ने लगी श्रद्धालु की भीड़
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है, जिसके लिए श्रद्धालु तवी नदी के किनारे ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन करा रहे ...और पढ़ें

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा।
HighLights
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू, ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन जारी
श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के बेहतरीन इंतजाम किए
सुरक्षाबलों ने यात्रा मार्गों पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल की
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से शुरू होने वाली है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु तवी नदी के किनारे पहुंच रहे हैं, जहां यात्रा के लिए ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन हो रहा है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
जिन तीर्थयात्रियों ने पहले ऑनलाइन या बैंकों के जरिए यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, वे बुधवार (01 जुलाई, 2026) को ऑन-स्पॉट/करंट रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे। अपनी बारी का इंतजार करते हुए, श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा की तैयारी को लेकर उत्साहित दिखे।
पहली बार यात्रा कर रहे एक श्रद्धालु ने कहा, 'हम पहली बार जा रहे हैं और बहुत खुश हैं। हम यह यात्रा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। लंबी लाइन में इंतजार करने के बाद, हमारा एकमात्र लक्ष्य दर्शन करना है। अभी, बाबा के धाम पहुंचने के अलावा हमारी कोई और इच्छा नहीं है। मैं बरसों से जाना चाहता था, और आज आखिरकार मुझे मौका मिला।'
बीकानेर के एक अन्य श्रद्धालु, चंद्रशेखर चंगानी ने बेहतरीन सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट के लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड की तारीफ की। चंगानी ने कहा, 'मैं कहना चाहता हूं कि यहां के इंतजाम बहुत अच्छे हैं। हम बीकानेर से चले थे। साथ ही, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के मामले में अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा किए गए इंतजाम एकदम सही हैं। हमें कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई।'
इस बीच, मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उन्होंने आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल की और यात्रा मार्गों पर कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा तैनात किया। श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर मंगलवार को पठान चौक बेस कैंप में बने नए यात्री निवास, श्री प्रेम गर्ग भवन में आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल की।
दक्षिण कश्मीर के हिमालय में लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की सालाना यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है। श्रद्धालु भगवान शिव के प्रतीक माने जाने वाले प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए यह यात्रा करते हैं।
इस साल 57 दिनों की यह यात्रा 3 जुलाई को अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन ज्यादा चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रूट से एक साथ शुरू होगी। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार के दिन समाप्त होगी।
सामाचार एजेंसी एएनआई की इनपुट के साथ।
