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जम्मू-कश्मीर में स्नातकों को मिलेगी नौकरी की सौगात, 560 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ; सुलझेगा 20 साल पुराना विवाद

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:00 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर में कृषि स्नातकों के लिए सरकारी नौकरी की उम्मीद जगी है, क्योंकि सरकार भर्ती में देरी और पदों को ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फाइल फोटो

HighLights

  1. कृषि स्नातकों के लिए सरकारी नौकरी की उम्मीद जगी।

  2. सरकार 560 पदों पर भर्ती विवाद सुलझाने में जुटी।

  3. भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया गया।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कृषि विभाग में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे कृषि स्नातकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। भर्ती में देरी और पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव के बीच सरकार करीब दो दशक पुराने विवाद को सुलझाने में जुटी है।

कृषि मंत्री जावेद अहमद डार ने बुधवार को कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। हालांकि, अदालतों में लंबित मामलों और प्रशासनिक अड़चनों के कारण नियुक्तियों में अभी देरी हो रही है।

कश्मीर में भर्ती में देरी के खिलाफ कृषि स्नातकों के प्रदर्शन के बीच मंत्री ने बताया कि राजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती और विभागीय पदोन्नति का अनुपात फिर से 50:50 करने का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।

कृषि विभाग ने किया विरोध

पहले आधे पद सीधी भर्ती और आधे पदोन्नति से भरे जाते थे। वर्ष 2007 के आसपास नियमों में बदलाव कर पदोन्नति का हिस्सा 80 प्रतिशत और सीधी भर्ती का हिस्सा 20 प्रतिशत कर दिया गया। इस बदलाव के बाद विवाद और मुकदमेबाजी बढ़ी।

मंत्री के अनुसार, वर्ष 2020 में गठित समिति ने रहबर-ए-जिरात योजना के कर्मचारियों को समायोजित करने के तहत पदोन्नत किए गए करीब 560 कृषि विस्तार सहायकों (एईए) के बाद रिक्त हुए कनिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी (जेएईओ) पदों को समाप्त करने की सिफारिश की थी।

कृषि विभाग ने इसका विरोध किया, क्योंकि इससे भविष्य में भर्ती और पदोन्नति के अवसर प्रभावित होते। वित्त विभाग की आपत्तियों का जवाब दिया जा चुका है, लेकिन पद समाप्त करने का कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। डार ने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इन पदों को समाप्त नहीं करने पर सहमत हैं।

जेकेपीएससी और जेकेएसएसबी से भर्ती की उम्मीद

मंत्री ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकों में देरी से कर्मचारियों के करियर में ठहराव की बात भी स्वीकार की। सरकार राजपत्रित और गैर-राजपत्रित, दोनों संवर्गों की समस्याएं सुलझाकर पात्र रिक्तियां जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) और सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) को भेजना चाहती है।

पिछले डेढ़ साल से प्रयास जारी हैं और एक विशेष टीम करीब आठ महीने से काम कर रही है। प्रदर्शन कर रहे युवाओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए उन्होंने जल्द समाधान की उम्मीद जताई, लेकिन भर्ती अधिसूचना जारी करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।