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'खाने, कपड़े और शादी के बाद अब...', पश्चिम बंगाल की IPS बुशरा बानो के तबादले पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती

Published: Fri, 18 Sep 2026 06:00 AM (IST)

पश्चिम बंगाल की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के तबादले पर जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। महबूबा मुफ्ती ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल की IPS बुशरा बानो के तबादले पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती। फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल की IPS बुशरा बानो के तबादले पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती। फाइल फोटो

HighLights

  1. बुशरा बानो का 'अस्सलामु अलैकुम' जैसे शब्दों के प्रयोग पर तबादला।

  2. महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर मुस्लिम पहचान को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

  3. सरकार ने तबादले को प्रशासनिक बदलाव बताया, विवाद से इनकार।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। पश्चिम बंगाल की आइपीएस अधिकारी बुशरा बानो के तबादले को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भी सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब मुस्लिम समुदाय की भाषा और धार्मिक अभिव्यक्तियों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

महबूबा मुफ्ती ने वीरवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आइपीएस अधिकारी बुशरा बानो के ‘अस्सलामु अलैकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल के बाद उनका तबादला हुआ और यह बात अब अल्पसंख्यक समुदाय को हैरान नहीं करती। उन्होंने इन शब्दों का अर्थ शांति, ईश्वर की इच्छा और ईश्वर के प्रति आभार से जुड़ा बताया।

मुस्लिम अभिवादन और धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल

दरअसल, 2021 बैच की आइपीएस अधिकारी बुशरा बानो खड़गपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थीं। 13 सितंबर को पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपने यूपीएससी सफर और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की रेजीडेंशियल कोचिंग ऐकेडमी का जिक्र किया था।

वीडियो में उन्होंने मुस्लिम अभिवादन और धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद इंटरनेट मीडिया पर विवाद शुरू हुआ। 14 सितंबर को पश्चिम बंगाल सरकार ने उनका तबादला करते हुए उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट बनाया।

अब भाषा और वोटों को लेकर भी निगरानी की बात

हालांकि, सरकारी तबादला आदेश में वीडियो विवाद को कारण नहीं बताया गया और सरकार ने इसे प्रशासनिक बदलाव/जनहित में लिया गया फैसला बताया है। महबूबा ने इसी विवाद को लेकर भाजपा पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि पहले खाने, कपड़े और शादी के मामलों पर बहस होती थी, अब भाषा और वोटों को लेकर भी निगरानी की बात सामने आ रही है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की चुनाव संबंधी टिप्पणी का भी हवाला दिया और इसे मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में चिंताजनक बताया।