संवाद सहयोगी, श्रीनगर : वादी में अभी तक घातक निपाह वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों ने खतरे की घंटी बजा दी है। चिकित्सकों की मानें तो वादी में यह वायरस आराम से पनप सकता है। बुधवार को कश्मीर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने एडवाइजरी जारी कर स्वास्थ्य एजेंसियों से इस वायरस से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. निसारुल हसन ने बताया कि वादी में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। लिहाजा इस बात की आशंका है कि यहां आने वाला कोई पर्यटक भी इस वायरस से ग्रस्त हो, जिससे यह बीमारी फैल सकती है। यह वायरस इस बीमारी से ग्रस्त किसी व्यक्ति के संपर्क में आने, उसके साथ खाने-पीने या उसकी छींक से फैल सकता है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह बीमारी नई है। लिहाजा इसका अभी तक कोई मुकम्मल उपचार नहीं है। इस बीमारी से ग्रस्त मरीज की कुछ ही दिनों में मौत हो जाती है। डॉ. हसन ने कहा कि लोगों को भी बीमारी से बचने के लिए खाने पीने की चीजों में सावधानी बरतनी चाहिए। पानी को उबाल कर पीना चाहिए। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पतालों में भी चिकित्सकों व नर्सो को शारीरिक संक्रमण से ग्रस्त रोगियों का उपचार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें ट्रिपल मास्क के साथ मोटे दस्ताने भी पहनने चाहिए। गौरतलब है कि दिमाग में संक्रमण, तेज बुखार, सिर दर्द, चक्कर आना, मतली होना और मिर्गी जैसे दौरे पड़ना इस बीमारी के लक्षण हैं।

Posted By: Jagran

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