श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। Terror Attack In Kulgam: दक्षिण कश्मीर के फुरे-कुलगाम में बुधवार को आतंकियों के हमले में एक पुलिसकर्मी अब्दुल रशीद डार शहीद हो गया। दिवंगत पुलिस में शामिल होने से पूर्व इख्वानी था। इस बीच, पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर आतंकियों की धरपकड़ के लिए एक तलाशी अभियान चलाया है। अलबत्ता, देर रात गए तक खबर के लिखे जाने तक किसी आतंकी संगठन ने इस वारदात की जिम्मेदारी नहीं ली थी। यह घटना रात करीब सवा नौ बजे कुलगाम जिल के अंतर्गत श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग परस्थित मीर बाजार के फुर्रे इलाके में हुई है। श्रीनगर में तैनात 58 वर्षीय पुलिसकर्मी अब्दुल रशीद डार अपने घर पर आया हुआ था। वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर खड़ा था, अचानक आतंकी आए और उन्होंने उस पर गोलियां की बौछार कर दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। आतंकी उसे मरा समझ वहां से फरार हो गए।

गोलियों की आवाज सुनते ही निकटतर्वी इलाके में गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मी भी माैके पर पहुंच गए और उन्होंने पूरे इलाके को घेर लिया। इस बीच, खून से लथपथ पड़े अब्दुल रशीद को उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया। अब्दुल रशीद के सीने और पेट में गोलियां लगी थीं।

संबंधित सूत्रों ने बताया कि अब्दुल रशीद पुलिस में भर्ती होने से पहले एक इख्वानी था। कश्मीर में इख्वानी उन लोगों को कहते थे, जो पहले कभी आतंकी रहे थे और फिर जिहाद व आजादी के नारे की असलियत को समझने के बाद सेना के साथ मिलकर आतंकियों के सफाए में जुट गए थे। अब्दुल रशीद डार भी दक्षिण कश्मीर के नामी इख्वानी कमांडरों में एक था। आतंकरोधी अभियानों में उसकी योग्यता से प्रभावित होकर ही उसे पुलिस में भर्ती किया गया था। उसने कई नामी आतंकियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी।

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