श्रीनगर, राज्य ब्यूरो । आतंकियों द्वारा सेब के व्यापारियों, उत्पादकों और ट्रक चालकों को निशाना बनाए जाने की वारदातों के बावजूद कश्मीर से अब तक कुल उत्पादन का 40 फीसद सेब यानि सात लाख मीट्रिक टन अन्य राज्यों में भेजा जा चुका है। सेब के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को उम्मीद है कि दीवाली के आसपास खपत व कीमत और बढ़ेगी। शेष बची पूरी फसल राज्य से बाहर भेजने की उम्मीद की जा रही है।

पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शाासित राज्यों में पुनर्गठित किए जाने से हताश आतंकी संगठनों ने स्थानीय व्यापारियों और किसानों को बागों से सेब उतारने और उसके निर्यात से मना किया है। स्थानीय किसानों को हो रहे नुकसान को देख राज्य प्रशासन के आग्रह पर केंद्र सरकार ने नेफेड के जरिए कश्मीर में न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर सेब खरीद के लिए मंडिया स्थापित की हैं। स्थानीय सेब उत्पादक इन मंडियों में अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं हालात में बेहतरी को देखते हुए अन्य राज्यों से ट्रक चालक और सेब व्यापारी भी घाटी पहुंचने लगे, जिससे कश्मीर से बाहर भी सेब जाने लगा। इससे हताश होकर आतंकी संगठनों ने कई जगह सेब की फसल को जलाया। गत सोमवार को आतंकियों ने शोपियां में राजस्थान के एक ट्रक चालक को मौत के घाट उतारा और उसके बाद गत बुधवार को पंजाब के एक व्यापारी की हत्या करने के अलावा एक अन्य को गोली मार जख्मी कर दिया। इसके बावजूद वादी में सेब का कारोबार जारी है। गत सोमवार के बाद से बीते शुक्रवार तक यानि पांच दिन में करीब 2000 ट्रक सेब लेकर देश के विभिन्न हिस्सों के लिए कश्मीर से रवाना हुए हैं। मंगलवार को 400 ट्रक निकले थे, जबकि बुधवार और वीरवार को 1100 ट्रक निकले हैं।

नेफेड के तहत सबसे ज्यादा खरीद अनंतनाग में हुई :

राज्य बागवानी योजना एवं विपणन विभाग के निदेशक जीएम डार ने कहा कि अभी तक हमारे सर्वे के मुताबिक, कश्मीर में 18 लाख मीट्रिक टन सेब पैदा हुआ है। हालांकि सीजन की समाप्ति पर ही सही आंकड़ा पता चलेगा। उन्होंने बताया कि नौ अक्टूबर तक 4.46 लाख मीट्रिक टन सेब कश्मीर से बाहर भेजा जा चुका था। इस तिथि तक नेफेड के तहत सबसे ज्यादा खरीद अनंतनाग में हुई है। अनंतनाग के बटेंगू स्थित मंडी से सेब की 70178 पेटियां (कीमत 456.50 लाख रुपये) बाहर भेजी गई हैं।

40 हजार से ज्यादा ट्रक कश्मीर से सेब लेकर निकल चुके :

निदेशक जीएम डार ने बताया कि कई सेब उत्पादकों ने नेफेड की मंडियों के बजाए अपने स्तर पर स्थानीय और बाहरी व्यापारियों को अपनी फसल बेची है। कइयों ने सीधे दिल्ली और बेंगलूरू की मंडियों में अपना माल भेजा है। इन आंकड़ों को भी जमा किया जा रहा है। कुल मिलाकर कश्मीर से सात लाख मीट्रिक टन सेब जो कुल उत्पादन का 40 फीसद है, निर्यात हो चुका है। पांच अगस्त से गत बुधवार की रात तक करीब 40 हजार ट्रक कश्मीर से सेब लेकर निकल चुके थे।

सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता बंदोबस्त :

डार ने बताया कि नेफेड के तहत करीब तीन हजार किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। यह योजना 15 दिसंबर तक चलेगी। अगर लोगों ने रुचि ली तो इसकी समय सीमा को और आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों, व्यापारियों और ट्रक चालकों की सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त किया गया है।

लगता है हम ट्रक चालकों का सीजन ठीक रहेगा :

शोपियां के अगलर इलाके में अपने ट्रक में सेब से भरी पेटियां लदवा रहे गुरुदासपुर के रंजीत देओल ने कहा कि मैं गत बुधवार को यहां पहुंचा था। मुझे वीरवार को यहां से निकलना था, लेकिन इसी बीच आतंकियों ने हमारे पंजाब के एक व्यापारी को गोली मार दी। इसके बाद सुरक्षाबल हमें एक कैंप में ले गए थे। वहां से उन्होंने हमें इस मंडी में पहुंचाया और यहीं पर अब स्थानीय व्यापारी अपना माल लेकर आ रहे हैं। कल और आज सुबह भी बाहर से यहां बहुत से ट्रक वाले आए हैं। मुझे लगता है कि हम ट्रक चालकों का सीजन अब ठीक रहेगा।

Posted By: Rahul Sharma

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