राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : कश्मीर घाटी में धारा 35ए के मुद्दे पर अलगाववादियों के अभियान का असर अब नजर आने लगा है। लोग अब गली-बाजारों में ही धारा 35ए के संरक्षण में नारेबाजी नहीं कर रहे बल्कि शादी-विवाह समारोहों और निमंत्रण पत्र पर भी इसका जिक्र करते हुए सभी को लामबंद करने में लगे हैं।

गौरतलब है कि धारा 35ए के समर्थन में सभी अलगाववादी, मजहबी संगठन और मुख्यधारा की राजनीति करने वाले दल एक मंच पर हैं। यह सभी संगठन धारा 35ए के प्रावधान को न सिर्फ यकीनी बनाने की मांग कर रहे हैं बल्कि इसे और मजबूत बनाने पर जोर दे रहे हैं। अलगाववादी खेमे ने धारा 35ए के खिलाफ दायर याचिका पर 30 व 31 अगस्त को कश्मीर बंद का भी आह्वान किया है।

कश्मीर में आम लोग धारा 35ए के मुद्दे पर सभी को आपस में जोड़ने और केंद्र व सर्वाेच्च न्यायालय में दबाव बनाने के लिए हर तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। शादी विवाह समारोह का निमंत्रण पत्र भी इसका एक जरिया बन चुका है। वादी में अब लोग शादी विवाह के कार्ड पर भी धारा 35ए का जिक्र कर रहे हैं। किसी ने अपने निमंत्रण पत्र पर लिखा है कि धारा 35ए हमारी पहचान है। इसे हटाने की साजिशों को नाकाम बनाएं। एक अन्य ने अपने कार्ड पर लिखा था कि धारा 35ए को भंग करने पर कश्मीर में लोग सड़कों पर होंगे और ¨हदोस्तान को एक बार फिर 2016 जैसे हालात का सामना करना पड़ेगा।

एक अन्य व्यक्ति ने अपने बेटे की शादी के कार्ड पर लिखा था कि धारा 35ए को सिर्फ कश्मीरी मुस्लिमों को अल्पसंख्यक बनाने की साजिश के तहत समाप्त किया जा रहा है। इसलिए इसकी हिफाजत के लिए पूरा कश्मीर एकजुट हो।

कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार मुख्तार अहमद ने कहा कि धारा 35ए प्रत्येक कश्मीरी की भावनाओं से जुड़ा मसला है। सभी इस मामले को लेकर बहुत उत्तेजित हैं। शादी विवाह के कार्ड पर धारा 35ए के समर्थन का जिक्र हो रहा है तो इससे आप यहां के हालात को समझ सकते हैं।

Posted By: Jagran