राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : जम्मू कश्मीर पुलिस सेवा (जेकेपीएस) के अधिकारियों को उनकी योग्यता और पात्रता के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) कैडर प्रदान किए जाने का बीते कई सालों से लंबित मामला जल्द ही हल हो जाएगा। इस संदर्भ में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आज वीरवार को चयन समित की बैठक (एससीएम) दिल्ली में बुलाई है।

इसी बैठक में 1999 बैच के करीब 18 जेकेपीएस अधिकारियों समेत कुल 28 अधिकारियों को आइपीएस कैडर में पदोन्नत किया जाएगा और उनमे से नौ को डीआईजी रैंक भी मिलेगा। बैठक की अध्यक्षता यूपीएसएसी के सदस्य डा. टीसी अनंत करेंगे। प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वीरवार को होने वाली यूपीएससी की एससीएम में जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा और जम्मू कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह के अलावा केंद्रीय गृहमंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में जम्मू कश्मीर पुलिस के कुछ सेवारत और कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों को आइपीएस कैडर प्रदान करने का फैसला होगा। सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को आइपीएस कैडर प्रदान करना है या नहीं, यह पूरी तरह से एससीएम का विशेषाधिकार है। बैठक में 1999 बैच के जेकेपीएस कैडर के वरिष्ठता सूची के करीब 28 अधिकारियों को पदोन्नति करने पर ही मुख्य तौर पर चर्चा रहेगी। 1999 बैच के जिन प्रमुख जेकेपीएस अधिकारियों को आइपीएस कैडर मिल सकता है उनमें शक्ति कुमार पाठक, डा. हसीब मुगल, जावेद अहमद कौल, रमेश कुमार भट्ट, शेख जुनैद महमूद, शाहिद मेहराज राथर, डा. अजीत सिंह, अल्ताफ अहद खान, हसीब उर रहमान, विकास गुप्ता, अब्दुल क्यूम, निशा नत्थयाल, मकसूद उल जमान, जावेद इकबाल मट्टु, मुबशिर लतीफी, शिव कुमार शर्मा और सुहैल मुनव्वर मीर शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते साल केंद्रीय गृहमंत्रालय ने आइपीएस कैडर में जम्मू कश्मीर पुलिस सेवा कोटे से 28 रिक्तियों की पुष्टि की थी। इसके आधार पर ही जम्मू कश्मीर सरकार ने यूपीएससी को जेकेपीएस कैडर से आइपीएस कैडर में शामिल किए जाने योग्य अधिकारियों की एक सूची भेजी थी। गृहमंत्रालय ने जिन 28 रिक्तियों की पुष्टि की है, उनमें से आठ को वर्ष 2010 के आधार पर,, तीन को वर्ष 2011 और आठ वर्ष 2012 और नौ वर्ष 2013 के कोटे के आधार पर तय किया गया है। इसके अलावा गृहमंत्रालय ने वर्ष 2014 से 2019 के लिए भी 13 रिक्तियों को प्रक्रिया के आधार तय किया है।

संबधित सूत्रों ने बताया कि समिति बैठक में लिए गए अपने फैसले को मिनटस के तौर पर दर्ज करेगी और प्रत्येक सदस्य व अध्यक्ष उन पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद यह मिनटस पहले प्रदेश सरकार को भेजेगी। प्रदेश सरकार इन्हें केंद्र सरकार को अग्रेषित करेगी। इसके बाद केंद्र सरकार इन पर विचार करेगी और अपनी सहमित से यूपीएससी को अवगत कराएगी। इसे बाद यूपीएससी इन पर चर्चा करेगी और उसके बाद वह अपनी सहमति व संस्तुती केंद्र सरकार को देगी। उसके बाद गृहमंत्रालय आइपीएस कैडर में शामिल किए जाने वाले अधिकारियों की एक अधिसूचना जारी करेगा।