संवाद सहयोगी, सुंदरबनी : हर सुबह झाड़ू लगाकर, कूड़ा-करकट उठाकर सुंदरबनी उपनगर को साफ-सुथरा बनाने की जिम्मेदारी जिन सफाई कर्मियों पर है, उन पर हर पल संक्रमण का खतरा बना रहता है। सरकार ने गाइडलाइन जारी किया है कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए और सुरक्षा संसाधन उपलब्ध करवाया जाए, लेकिन सुंदरबनी उपनगर में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों को मास्क और ग्लब्स तक उपलब्ध नहीं करवा रही है। बिना मास्क और ग्लब्स के कर्मचारी सड़कों, गलियों और नालियों की सफाई कर रहे हैं।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए सफाई कर्मी गाड़ी लेकर सुबह से शाम तक वार्डो में घूमते हैं। बिना सुरक्षा संसाधन के इन सफाई कर्मचारियों में हर वक्त संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। नगर पालिका सफाई कर्मियों की सुरक्षा की पिछले कई महीनों से अनदेखी कर रही है। इन सफाई कर्मचारियों को सफाई करते समय जहरीले जीव-जंतु व अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए भी अपनी जान को जोखिम में डालकर नालों में उतरना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर उदासीनता बरतना उचित नहीं है। उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का ध्यान रखना नगर पालिका की जिम्मेदारी है।

नगर पालिका सुंदरबनी के एक्जीक्यूटिव आफिसर नितिन गुप्ता का कहना है कि सभी सफाई कर्मचारियों को जूते, मास्क, ग्लब्स समय-समय पर दिए जाते हैं। कुछ सफाई कर्मचारी उन्हें उपयोग में लाते हैं, कुछ नहीं। ऐसा नहीं है कि कर्मचारियों के पास मास्क, जूते, ग्लब्स नहीं हैं। समय-समय पर सफाई कर्मचारियों को संक्रमण सहित विभिन्न बीमारियों के बारे में जागरूक भी किया जाता है। हां, कुछ समस्याएं हैं, जिनका जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।

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