राजौरी जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, तीन बीडीओ निलंबित, जानिए क्या है वजह?
राजौरी जिला प्रशासन ने पंचायत निधि के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद तीन प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निलंबित कर दिया है। जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। निलंबित अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है।
डिजिटल डेस्क, जागरण, राजौरी। राजौरी जिले के डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट अभिषेक शर्मा ने सोमवार को तीन खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निलंबित कर दिया। इन अधिकारियों पर सरकार के प्रमुख आदि कर्मयोगी अभियान के खराब प्रदर्शन और क्रियान्वयन में विफलता का आरोप है।
निलंबित अधिकारियों में बुद्धल ओल्ड/राजनगर के बीडीओ खादम शाह, कालाकोट के बीडीओ कुलदीप राज और डूंगी के बीडीओ दत्ता राम शामिल हैं। प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा में असंतोषजनक प्रदर्शन और विकासात्मक पहल के क्रियान्वयन से संबंधित निर्देशों का पालन न करने का खुलासा होने के बाद निलंबन आदेश जारी किए गए।
कार्रवाई का कारण
डीसी राजौरी ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के प्रमुख घटकों को क्रियान्वित करने में इन अधिकारियों की विफलता के कारण यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करना है। अभियान की शुरूआत करते समय सख्त हिदायत देने के बावजूद इन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और इनकी लापरवाही के खिलाफ प्रशासन को यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
जांच और रिपोर्ट
डीसी राजौरी अभिषेक शर्मा ने राजौरी के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) को मामले की विस्तृत जांच करने और सात दिनों के भीतर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नियुक्त किया है। जिला प्रशासन ने अन्य सभी अधिकारियों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत समय-सीमा और कार्य मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आदि कर्मयोगी अभियान
आदि कर्मयोगी अभियान एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण विकास परियोजनाओं में प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाना है। इसका उद्देश्य पंचायतों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर केंद्रित है।

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