जम्मू-कश्मीर: पुंछ में LOC के पास मिलीं 3 बारूदी सुरंगें, सेना की गश्त में हुआ खुलासा; बम निरोधक दस्ते ने किया नष्ट
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास दो अग्रिम गांवों में तीन बारूदी सुरंगें मिलीं, जिन्हें सेना ...और पढ़ें

पुंछ में बीते मंगलवार को भी मिली थीं 3 बारूदी सुरंगें। (फाइल फोटो)
HighLights
पुंछ में LOC के पास तीन बारूदी सुरंगें मिलीं।
सेना की गश्ती टीमों ने बारूदी सुरंगों का पता लगाया।
बम निरोधक दस्ते ने सभी को सुरक्षित निष्क्रिय किया।
जागरण संवाददाता, राजौरी। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ जिले में बुधवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास दो अग्रिम गांवों में तीन बारूदी सुरंगें मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। सेना की गश्ती टीमों द्वारा बारूदी सुरंगों का पता लगाए जाने के बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। दस्ते ने सभी तीनों बारूदी सुरंगों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, मेंढर सेक्टर के फगवाड़ा गली क्षेत्र में सेना की नियमित गश्त के दौरान दो जंग लगी हुई बारूदी सुरंगें दिखाई दीं। गश्ती दल ने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया। क्षेत्र को सुरक्षित करने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने दोनों बारूदी सुरंगों को सावधानीपूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों बारूदी सुरंगें पुरानी और जंग लगी हुई थीं। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से सेना ने किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें निष्क्रिय किया गया।
कस्बा गांव में भी मिली एंटी-पर्सनल माइन
इसी तरह एक अन्य घटना में हवेली तहसील के कस्बा गांव में सेना की गश्ती टीम को एक एंटी-पर्सनल माइन दिखाई दी। गश्ती दल ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बारूदी सुरंग को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, तीनों बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की कार्रवाई के दौरान कोई नुकसान नहीं हुआ। सेना की गश्ती टीमों की सतर्कता के कारण समय रहते इनका पता लगाया जा सका।
तीन बारूदी सुरंगें की गई थीं नष्ट
पुंछ के सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सतर्कता बरती जा रही है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी सेना के बम निरोधक दस्ते ने मेंढर सीमा क्षेत्र के डराना बसोनी गांव में मिली तीन बारूदी सुरंगों को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को देखते हुए अग्रिम क्षेत्रों में सेना की गश्त और निगरानी व्यवस्था महत्वपूर्ण बनी हुई है। सुरक्षा बल सीमावर्ती गांवों में नियमित गश्त के दौरान संदिग्ध वस्तुओं और संभावित विस्फोटक सामग्री की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं संदिग्ध वस्तु, पुराना गोला-बारूद या बारूदी सुरंग जैसी कोई चीज दिखाई दे तो उसे छूने या उसके करीब जाने के बजाय तत्काल पुलिस या सुरक्षा बलों को सूचित करें। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ऐसी वस्तुओं को विशेषज्ञों की मदद से ही हटाने और निष्क्रिय करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
