जागरण संवाददाता, राजौरी : भारी बारिश के कारण जिले के अधिकांश जलाशयों में अचानक आई बाढ़ ने बुधवार को तबाही मचा दी। एक व्यक्ति अचानक बाढ़ में बह गया, जबकि एक अन्य को बचा लिया गया। एक नदी द्वीप पर फंसे चार से पांच लोगों को बचाने के लिए दूसरा बचाव अभियान शुरू किया गया है। इसके अलावा बारिश व बाढ़ के कारण लोगों का काफी नुकसान हुआ है। कई मकान बारिश की भेंट चढ़ क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई गिरने के कगार पर पहुंचे चुके हैं।

जिला उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने कहा कि पिछले 24 घंटों से राजौरी जिले में भारी बारिश हो रही है और जिले के लगभग सभी इलाके बारिश से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजौरी कस्बे की मुनव्वर तवी नदी का जलस्तर बुधवार शाम करीब पांच बजे खतरे के निशान को छू गया। जिसके बाद बाढ़ की चेतावनी दी गई।

राजौरी में नदियों के करीब रहने वाले सभी लोगों से अपील की जाती है कि वे तुरंत क्षेत्र खाली कर दें और सुरक्षित स्थानों पर न जाएं। उपायुक्त ने आगे लोगों से सभी जल निकायों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि बाढ़ के फिसलन वाले क्षेत्र से भी दूर रहें। दूसरी ओर अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो व्यक्ति बथुनी में बाढ़ के पानी में फंस गए, जिनमें से एक को बचा लिया गया, लेकिन दूसरा बह गया।

बथुनी गांव के मुनव्वर तवी में दो व्यक्ति बाढ़ के पानी में फंस गए। जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से अभियान शुरू किया।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति, जिसकी पहचान अब तक छत्तीसगढ़ निवासी संजय कुमार के रूप में हुई है, बह गया और उसका पता नहीं चल पाया है।

एसएचओ राजौरी समीर जिलानी के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से छत्तीसगढ़ निवासी गंगा दास के रूप में पहचाने गए अन्य व्यक्ति को बचाने में कामयाबी हासिल की।

राजौरी के ढांगरी बढून गांव क्षेत्र में एक और बचाव अभियान शुरू किया गया है, जहां चार से पांच लोग नदी के बीच एक द्वीप पर फंस गए हैं। इन लोगों को बचाने के लिए सेना व पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है। अंधेरा होने के कारण अभियान को रोक दिया गया है और अब सुबह फिर से बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।

दूसरी ओर, जम्मू-राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी करीब एक घंटे तक यातायात बंद रहा, क्योंकि नदी का बाढ़ का पानी राजमार्ग पर बहने लगा। सुकतोह व दरहाली दोनों नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ गया और दूधाधारी आश्रम के पास नदी का पानी जम्मू-पुंछ हाईवे के ऊपर बहने लगा। नदी का पानी दो सौ मीटर तक सड़क पर बहने लगा। प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही को रोक दिया। लगभग एक घंटे बाद पानी का स्तर कम होने के बाद वाहनों की आवाजाही को बहाल किया गया।

दूसरी ओर मंजाकोट-गंभीर मुगला मार्ग पर भी यातायात तीन घंटे तक बंद रहा, जिससे एक छोटी सी नदी में अचानक बाढ़ आ गई, नदी का पानी लोगों के घरों में दाखिल हो गया जिससे लोगों का भी काफी नुकसान हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में कई घरों को आंशिक से मध्यम नुकसान की खबरें हैं, लेकिन सटीक आंकड़े बारिश बंद होने के बाद ही मिल पाएंगे।

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