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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खाद्य व्यवसाय संचालकों को शिविर लगाकर किया जागरूक

By JagranEdited By:
Published: Wed, 01 Dec 2021 06:53 AM (IST)

संवाद सहयोगी सुंदरबनी खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता से समझौता करने वाले छोटे-बड़े खाद्य पदार्थ व्या

खाद्य व्यवसाय संचालकों को शिविर लगाकर किया जागरूक
खाद्य व्यवसाय संचालकों को शिविर लगाकर किया जागरूक

संवाद सहयोगी, सुंदरबनी : खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता से समझौता करने वाले छोटे-बड़े खाद्य पदार्थ व्यापारियों को महंगा पड़ सकता है। किसी व्यापारी द्वारा भेजे गए खाद्य पदार्थ के सेवन से यदि किसी व्यक्ति को किसी दिक्कत का सामना करना पड़ा तो प्रशासन उस दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। यह बातें मंगलवार को सुंदरबनी में आयोजित खाद्य व्यवसाय संचालकों के साथ एक बैठक में एडीसी सुंदरबनी विनोद कुमार ने कही।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के बारे में जागरूकता बढ़ाने और खाद्य उत्पादों की स्वच्छता के मानकों में सुधार करने के लिए सरकार के दिशानिर्देश पर विभाग द्वारा खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए इस जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। विनोद कुमार ने होटल और ढाबा संचालकों को जागरूक करते हुए कहा कि खाना बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा है कि खाना उतना ही बनाएं जो समय पर समाप्त हो जाए। बासी खाना न तो खाएं और न ही ग्राहकों को खाने के लिए दें। इससे नुकसान हो सकता है। उन्होंने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थो की खरीदारी करते हुए सावधानियां बरतें। एफएसएसएआइ से रजिस्टर दुकानदारों से ही सामान खरीदें।

पालिश व कलर वाली दालों का प्रयोग बिल्कुल न करें। दुकानदार ध्यान रखें खाद्य पदार्थो को अखबार में न लपेटें और न ही खरीदें, न ही ग्राहकों को पैक कर कर उसमें सामान दें। शिविर में पहुंचे होटल ढाबे सहित अन्य प्रतिष्ठानों के व्यवसाय संचालकों को जागरूक करते हुए फूड सेफ्टी कमिश्नर अजीत सिंह ने कहा कि सभी केंद्रीय और राज्य लाइसेंस प्राप्ति के लिए खाद्य सुरक्षा प्रमाणित अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा किप्रत्येक खाद्य व्यवसाय आपरेटर निर्दिष्ट हेडकाउंट से अधिक के लिए अपने व्यवसाय में कम से कम एक शिक्षित और प्रमाणित व्यक्ति होना आवश्यक है। कार्यक्रम में पहुंचे दर्जनों दुकानदारों को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि खाद्य व्यवसाय संचालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले भोजन रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता और खेत से लेकर थाली तक खाद्य श्रृंखला की स्वच्छता को बनाए रखने और बुनियादी ढांचे और आसपास साफ सफाई रखने के लिए जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जिले के छोटे और बड़े खाद्य व्यापारियों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। अजीत सिंह ने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि फल व सब्जियों को पहले से न काट कर रखें। पालीथिन के प्रयोग से बचें। स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करें। अगर कोई भी दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।