संवाद सहयोगी, सुंदरबनी : देशभर में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। राजौरी जिले में फिर से कोरोना की दस्तक के बाद जिला प्रशासन संक्रमण से निपटने के लिए युद्धस्तर पर जुटा हुआ है। शुक्रवार को डीसी विकास कुंडल ने सुंदरबनी उपजिला अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस मौके पर एडीसी सुंदरबनी विनोद कुमार, डीडीसी सदस्य राजेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।

डीसी ने अस्पताल में तैयार हुए आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। बीएमओ सुंदरबनी डाक्टर मंजूर हुसैन ने डीसी को बताया कि यह आक्सीजन प्लांट 500 लीटर प्रति घंटा अक्सीजन का उत्पादन करता है। आक्सीजन प्लांट के माध्यम से इमरजेंसी वार्ड और अन्य वार्डो, कोविड केयर सेंटर में पाइप लाइन द्वारा आक्सीजन की आपूर्ति आपातकालीन स्थिति में की जाएगी। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर अधिकारी अपना काम ईमानदारी के साथ करें और लोगों को संक्रमण के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि अस्पताल के अंदर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क पहने प्रवेश न करे। हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करे और संक्रमण को रोकने में जिला प्रशासन का सहयोग करे।

उन्होंने कहा कि संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हम संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। लोग कोविड-19 का अनुपालन करें तो विषम परिस्थिति से बचा जा सकता है। डीसी ने बताया कि संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अस्पताल में डाक्टरों की कमी का मुद्दा लोगों ने जोरशोर से उठाया

डीडीसी सदस्य राजेंद्र शर्मा ने डीसी राजौरी विकास कुंडल को बताया कि अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन सहित कई अन्य डाक्टरों के पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। पिछले कई वर्षो से सर्जन डाक्टर नहीं होने के कारण छोटे-छोटे इलाज के लिए लोगों को जम्मू जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सीमित संसाधनों के चलते डाक्टरों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भारी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल के अंदर बन रही नई इमारत का काम पिछले कई वर्षो से अधूरा लटका हुआ है।

सामाजिक कार्यकर्ता शिशुपाल गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में फिजिशियन डाक्टर नहीं होने के कारण हर दिन सैकड़ों मरीज दरबदर भटक रहे हैं। ऐसे में सीमित संसाधनों के चलते अस्पताल प्रशासन जैसे-तैसे करके अस्पताल को चला रहा है। इन लोगों ने डीसी से अस्पताल में फिजिशियन सहित सर्जन डाक्टर की जल्द से जल्द तैनाती की मांग उठाई।

Edited By: Jagran