जागरण संवाददाता, राजौरी : पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि आने वाली पीढि़यों को स्वस्थ पर्यावरण का उपहार दिया जा सके। यह बात केंद्र सरकार के जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत राजौरी जिले के अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन मंगलवार को केंद्रीय कानून और न्याय राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कही।

उन्होंने इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए याचिकाकर्ताओं को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में फास्ट ट्रैक अदालतों और लोक अदालतों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अदालतों के माध्यम से प्रभावी न्याय व्यवस्था के लिए तीन मुख्य तत्वों की आवश्यकता होती है, जैसे अदालतों तक पहुंच, न्यायाधीशों द्वारा प्रभावी निर्णय लेना और उन निर्णयों का उचित कार्यान्वयन। केंद्रीय राज्यमंत्री ने हायर सेकेंडरी स्कूल चिंगस का दौरा किया और छात्रों व कर्मचारियों से बातचीत कर वहां के बच्चों को दी जा रही शिक्षा की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि छात्रों को नैतिक मूल्यों के अलावा पाठ्येतर गतिविधियों पर समान जोर देने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए।

मुरादपुर टाइल कारखाने के अपने दौरे के दौरान उन्होंने उद्यम की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया और संबंधितों से बेहतर परिणाम के लिए गुणवत्तापूर्ण सामान के उत्पादन के लिए कहा। मंत्री ने केंद्रशासित प्रदेश में इस विशाल जनसंपर्क कार्यक्रम को शुरू करने के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी क्षेत्र केंद्र सरकार की ओर से शुरू की जा रही ऐतिहासिक विकास पहलों के लाभों से वंचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार हम यहां क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन करने आए हैं।

बाद में मंत्री ने चिंगस किले में स्थापित विभागीय स्टालों पर पीएमएवाई, पीएम उज्ज्वला, पीएम किसान सम्मान निधि और संबंधित कार्यक्रमों जैसी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। वहां के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे स्वच्छ भारत मिशन ने देश को रहने के लिए एक स्वच्छ स्थान बनने में मदद की है। उन्होंने महिलाओं के जीवन पर पीएम उज्ज्वला योजना के प्रभाव की भी सराहना की, क्योंकि यह योजना उन्हें हानिकारक चूल्हों के धुएं के प्रभावों से बचाती है।

इसी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की व्यापक रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह उन गरीब लोगों के लिए एक वरदान साबित हुई है जो गहन चिकित्सा खर्च वहन नहीं कर सकते। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी सौंपे। बाद में उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, स्थानीय बार एसोसिएशन, बीडीसी और डीडीसी सदस्यों, जिला अधिकारियों, जिले के वरिष्ठ नागरिकों और अन्य हितधारकों के साथ कई बैठकें कीं।

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