संवाद सहयोगी, सुंदरबनी : उपनगर के साथ लगते क्षेत्र मकड़ा में बने दुर्गा मंदिर में सोमवार को भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इससे पहले डा. नारायण दास जी महाराज की अगुआई में एक कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें काफी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर भागवत की कथा की शोभा को बढ़ाया।

इस मौके पर कलश यात्रा दुर्गा मंदिर से लेकर सुंदरबनी उपनगर के बीचोबीच से निकालते हुए फिर दुर्गा माता मंदिर में जाकर संपन्न हुई और वहां पर कलशों को स्थापित किया गया। इस मौके पर कथावाचक डा. नारायण दास जी महाराज ने प्रथम दिन की भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए भक्तजनों को अपनी मधुर वाणी से कथा सुनाकर निहाल किया। उन्होंने कहा कि भागवत की कथा एवं सत्संग करने से मनुष्य के जन्म जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और परिवार में भी सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इस प्रकार की कथा एवं धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े कार्यो में भाग लेकर इसका लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत में यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि ज्ञान और ध्यान से ही मनुष्य इस पापी संसार से मुक्ति पा सकता है, जिसके लिए सभी लोगों को सपरिवार कथा में आकर कथा के सार को जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि अज्ञानी मनुष्य के हृदय में इस प्रकार का कभी उपवास ही नहीं होता कि वह कथा में पहुंचे। वह तमाम प्रकार के व्यसनों से ग्रसित रहता है। वह मोह, माया के वशीभूत रहता है। कथा के अंत में आरती के साथ कथा का समापन हुआ और प्रसाद का वितरण हुआ।

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