श्रीनगर, [ राज्य ब्यूरो]  सेना के जांबाजों ने शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे उड़ी (बारामुला) सेक्टर में एक अग्रिम चौकी पर पाकिस्तानी सेना के बैट (बार्डर एक्शन टीम) के हमले को नाकाम बनाते हुए दो हमलावरों को मार गिराया। कुछ के घायल होने की भी सूचना है। अन्य हमलावर जान बचाते हुए वापस भाग गए। फिलहाल, सेना ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है।

बताया जा रहा है कि हमला करने आया बैट दस्ता एलओसी पार कर भारतीय सीमा के 500 मीटर अंदर तक आ पहुंचा था।उड़ी सेक्टर में इसी माह पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों ने दो बार घुसपैठ का प्रयास किया, लेकिन दोनों ही बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी।

अलबत्ता, बीते दो माह में उड़ी सेक्टर में बैट दस्ते का यह पहला हमला था। इसमें भी उसे शिकस्त मिली।रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बैट हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे सतर्क जवानों ने दो पाकिस्तानी हमलावरों को मार गिराया।

इस बीच, चार जेकलाई के कर्नल भंवर ने बताया कि बैट का हमला सुबह 8:40 पर हुआ था। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में मारे गए दोनों हमलावरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मौके से एक एसाल्ट राइफल, तीन मैगजीन, दो पिस्तौल व कुछ ग्रेनेड भी मिले हैं।

उन्होंने कहा कि मारे गए हमलावरों से बरामद हथियारों से साफ है कि यह हमला बैट का ही था। चूंकि बैट के सदस्य भारतीय सीमा में दाखिल होकर कार्रवाई को अंजाम देने के बाद तुरंत वापस भाग जाते हैं, इसलिए अपने साथ कम हथियार लाते हैं।

जबकि अन्य आतंकी भारी गोलाबारूद के साथ सरहद पार करने का प्रयास करते हैं। सूत्रों ने बताया कि बैट दस्ते ने चौकस, कीकर और अनिल चौकी के बीच बहने वाले खलाना जी नाले के पास हमले का प्रयास किया। अनिल पोस्ट के सामने एलओसी के पार पाकिस्तानी सेना की 31 बलोच रेजीमेंट की एक चौकी है।

इसी चौकी से बैट दस्ता भारतीय चौकी पर हमले के लिए निकला था। भारत की निगरानी पोस्ट और उसके पास ही नाका लगाकर बैठे जवानों ने बैट दस्ते के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया।

हमलावरों की संख्या पांच से सात थी। जवानों की जवाबी कार्रवाई में बैट दस्ते के पांव उखड़ गए और उसे वापस भागना पड़ा। जवानों ने बैट दस्ते का पीछा किया और दो हमलावरों को मार गिराया। बैट के कुछ अन्य सदस्य जख्मी भी हुए हैं।

इस हमले के बाद उड़ी सेक्टर के अंतर्गत गुलमर्ग व रामपुर सब सेक्टर में ही नहीं नौगाम, हंदवाड़ा, मच्छल, करनाह व टंगडार व गुरेज में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। फिलहाल, उड़ी सेक्टर में जहां यह हमला हुआ है, उस पूरे इलाके में सेना के जवानों ने सघन तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है।

बता दें कि पाकिस्तान के बैट दस्ते में पाक सेना के कमांडों व आतंकी शामिल होते हैं। यह बैट दस्ता एलओसी पर सक्रिय रहता है और मौका मिलने पर भारतीय सीमा में दाखिल होकर अपनी नापाक कार्रवाई को अंजाम देता है। इसी बैट दस्ते ने कई बार भारतीय हद में दाखिल होकर भारतीय जवानों के शवों के साथ भी छेड़छाड़ की है।

सुनियोजित व बड़ी साजिश का हिस्सा था बैट का हमला

राजौरी के उड़ी सेक्टर में बैट दस्ते का हमला बेहद सुनियोजित व बड़ी साजिश का हिस्सा था। पाकिस्तानी सेना ने बैट दस्ते को उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में दाखिल करवाने के लिए वीरवार रात दो से तड़के चार बजे तक राजौरी जिले की सुंदरबनी तहसील के केरी सब सेक्टर की राखी पोस्ट को निशाना बनाकर मोर्टार दागने शुरू कर दिए। इस दौरान चार से पांच आतंकियों की घुसपैठ करवाने का भी प्रयास किया गया, ताकि भारतीय सेना का ध्यान उड़ी सेक्टर से पूरी तरह हटकर केरी सब सेक्टर की तरह लगा रहे।

पाक की ऐसी हरकतों से पहले से वाकिफ व सतर्क भारतीय सेना ने केरी सब सेक्टर के साथ उड़ी में भी दुश्मन की मंशा पर पानी फेर दिया। पाक सेना करीब एक महीने से कभी नौशहरा सेक्टर तो कभी पुंछ सेक्टर में गोलाबारी कर रही है। इससे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। पहले से ही नौशहरा सेक्टर के 2200 लोग अपना घर बार छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं।

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Posted By: Preeti jha

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