जागरण संवाददाता, पुंछ : सीमा पर तनाव के चलते चकना-दा-बाग और रावलाकोट के बीच चलने वाली साप्ताहिक बस सेवा राह-ए-मिलन बंद रही। सोमवार की सुबह पाक सेना ने सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाक सीमा में दाखिल होकर पाक सेना के सात जवानों जिसमें पाक सेना का एक मेजर भी शामिल है, को मौत के घाट उतार दिया। इस कार्रवाई में पाक सेना के चार जवान भी घायल हो गए।

सीमा पर तनाव के माहौल को देखते हुए प्रशासन ने राह-ए-मिलन बस सेवा को रद कर दिया। जिला आयुक्त पुंछ तारिक अहमद जरगर का कहना है कि सीमा पर तनाव के माहौल को देखते हुए बस सेवा को रद कर दिया गया है। अगर अगले सप्ताह तक सीमा पर हालात बेहतर हुए तो बस सेवा को फिर से बहाल कर दिया जाएगा।

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कारवां-ए-अमन के पहिए

चार घंटे तक रुके रहे

बारामुला : अमन कमान सेतु से करीब पांच सौ मीटर दूर दुलांजा में सुरक्षाबलों और पाकिस्तान से आए जैश के पांच आतंकियों के बीच मुठभेड़ के कारण सोमवार को कारवां-ए-अमन के पहिए लगभग चार घंटे तक रुके रहे। जब पहियों ने गति पकड़ी तो 48 लोग नियंत्रण रेखा पर स्थित अमन कमान सेतु के आर-पार हुए।

भारत-पाक के बीच हुए एक समझौते के तहत अप्रैल 2005 में जम्मू-कश्मीर व गुलाम कश्मीर में बसे राज्य के नागरिकों के लिए श्रीनगर से गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद के बीच शुरू की गई साप्ताहिक बस सेवा को कारवां-ए-अमन कहते हैं। यह बस सेवा प्रत्येक सोमवार को चलती है।

कारवां-ए-अमन बस सेवा जिस सड़क से गुजरते हुए उड़ी सेक्टर में एलओसी के अंतिम छोर पर स्थित अमन कमान सेतु तक पहुंचती है, आज उसी सड़क से चंद मीटर की दूरी पर झेलम दरिया के किनारे सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। यह आतंकी आज तड़के ही गुलाम कश्मीर से आए थे। मुठभेड़ अमन कमान सेतु से लगभग पांच किलोमीटर दूर हुई।

आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ के कारण श्रीनगर से 22 मुसाफिरों को गुलाम कश्मीर के लिए रवाना हुए कारवां-ए-अमन बस सेवा को सुबह आठ बजे बारामुला डाक बंगला में रोक लिया गया। करीब दो घंटे बाद बस को अमन कमान सेतु के लिए रवाना किया गया, लेकिन करीब 11 बजे उड़ी तहसील मुख्यालय में बस को दोबारा रोक लिया गया। वहां भी बस दो घंटे तक रुकी रही।

मुठभेड़ समाप्त होने और पूरे इलाके को सुरक्षित बनाए जाने की सूचना के बाद संबंधित अधिकारियों ने बस को अमन कमान सेतु के लिए जाने दिया। दोपहर बाद करीब तीन बजे यह बस कमान चौकी पर पहुंची। इसमें सवार 22 यात्रियों में 13 गुलाम कश्मीर के नागरिक थे जो आज अपने घरों को लौटे। अन्य नौ राज्य के नागरिक थे, जो गुलाम कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने गए हैं। इन सभी ने कमान चौकी पर कस्टम संबंधी औपचारिकताएं पूरी की और पैदल ही अमन कमान सेतु को पार कर गुलाम कश्मीर की सीमा में प्रवेश किया।

इसी दौरान गुलाम कश्मीर की तरफ से 26 लोग पैदल ही पुल पार कर भारतीय सीमा में दाखिल हो कारवां-ए-अमन बस में सवार हो श्रीनगर समेत वादी के अन्य इलाकों में स्थित अपनी मंजिल के लिए रवाना हुए। गुलाम कश्मीर से आज आए 26 मुसाफिरों में 24 राज्य के बाशिंदे हैं, जो एलओसी पार अपने रिश्तेदारों से मिलने के बाद लौटे। इनके साथ गुलाम कश्मीर से आज दो ही मेहमान इस तरफ अपने परिजनों से मिलने आए हैं।

Posted By: Jagran