जागरण न्यूज नेटवर्क, पुंछ/हीरानगर : पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) पर हीरानगर और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पुंछ में सैन्य व नागरिक ठिकानों पर भारी गोलाबारी की। पाकिस्तान ने सीमा के नजदीक खेतों में काम कर रहे किसानों को भी निशाना बनाया। गनीमत यह रही कि किसान बाल-बाल बच गए। वहीं भारत ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।

पाकिस्तान ने बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पुंछ जिले के देगवार सेक्टर के माल्टी, बगयालदरा इलाके में पहले छोटे हथियारों से भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया। अचानक हुई गोलाबारी के कारण किसान खेतों से काम छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ भागे। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलाबारी बंद कर दी। दोपहर बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने किरनी, कस्बा के साथ देगवार सेक्टर में दोबारा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए मोर्टार दागने शुरू कर दिए। स्थानीय किसानों ने बताया कि जब भी वह खेतों में काम करने जाते हैं तो पाकिस्तान गोलाबारी कर देता है। कई किसान गेहूं की कटाई में जुटे हैं तो कई मक्की की फसल की बिजाई कर रहे हैं। बार-बार गोलाबारी के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

हीरानगर में गोलीबारी : पाकिस्तान ने मंगलवार रात भी कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में गोलीबारी की। पाक रेंजर्स ने चक चंगा व छन्नटांडा गांवों को निशाना बनाया। कुछ गोलियां चक चंगा के बनारसी दास के घर की दीवारों को लगी, जिससे उनकी पानी की टंकी की पाइपें फट गई। लगातार हो रही गोलीबारी से गांवों में मकानों को भारी क्षति पंहुच रही है। वहीं गोलीबारी का बीएसएफ ने भी मुंहतोड़ जबाव दिया, जिसके बाद बुधवार सुबह गोलीबारी बंद हो गई। एसडीपीओ सचिन गुप्ता की देखरेख में एसओजी, पुलिस तथा बीएसएफ के जवानों ने गोलीबारी से प्रभावित गांवों के आसपास की झाड़ियों में एहतियातन संयुक्त तलाशी अभियान भी चलाया।

Posted By: Jagran

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