जम्मू/पुंछ,  [जागरण न्यूज नेटवर्क]। पाकिस्तान ने बुधवार को पुंछ में नियंत्रण रेखा के साथ-साथ जम्मू के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी नापाक हरकत की। पाकिस्तान के ओपी टावर से स्नाइपर ने सांबा के चक दुलमा इलाके में माउंड (मचान) पर ड्यूटी दे रहे सीमा सुरक्षा बल के जवान को निशाना बनाया, जिससे वह शहीद हो गए। इसके जवाबी कार्रवाई भारतीय जवानों ने सीमा पार फायर कर पाक सेना की दो चौकियाेें को ध्‍वस्‍त कर दिया है। सांंबा सेक्‍टर में ये जवाबी कार्रवाई में पाक को मुंहतोड जवाब दिया है। 

कल हुए शहीद की पहचान 173 बटालियन के हेड कांस्टेबल (51) आरपी हाजरा निवासी गांव रामपारा, मुर्शीदाबाद, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। नए साल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का यह पहला मामला है। शाम करीब सवा चार बजे स्नापर फायर के बाद पाकिस्तान की ओर से सीमांत चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी गई। सीमा सुरक्षा बल की ओर से भी उचित जवाबी कार्रवाई की जा रही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि स्नाइपर शाट से घायल हेड कांस्टेबल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घायल सीमा प्रहरी के पेट में गोली लगी थी। शहीद अपने पीछे पत्नी, एक बेटा व बेटी छोड़ गए हैं।

 

इस बीच, जम्मू फ्रंटियर के आइजी राम अवतार ने स्नाइपर फायर में जवान के शहीद होने की पुष्टि करते हुए जागरण को बताया कि पाकिस्तान की ओर से निशाना साधकर गोलीबारी की गई है। सीमा सुरक्षा बल की ओर से पाकिस्तान की गोलाबारी का जवाब दिया जा रहा है। सीमा प्रहरी, दुश्मन की किसी भी प्रकार की साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रयासरत हैं।

पुंछ में गोलाबारी : पाक सेना ने सुबह पुंछ सेक्टर में एकाएक गोलाबारी शुरू कर दी। भारतीय सेना ने जब पाक को मुंहतोड़ जवाब दिया तो उसने भारतीय सेना की चौकियों के साथ साथ रिहायशी क्षेत्रों को भी निशाना बनाकर गोलाबारी शुरू कर दी। दोपहर तक गोलाबारी करने के बाद पाक सेना ने देर शाम पुंछ के साथ बालाकोट सेक्टर में भी मोर्टार दागने शुरू कर दिए। भारतीय सेना भी पाक सेना को मुंहतोड़ जवाब दे रही है। पाक सेना गोलाबारी की आड़ में आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में दाखिल करवाने का प्रयास भी कर रही है।

हीरानगर के बोबिया व लोडी मे गोलीबारी

पुंछ के बाद अब पाकिस्तान ने सांबा के साथ कठुआ जिला के हीरानगर मे फिर अकारण गोलीबारी शुरू कर दी है। जिससे ग्रामीणो में दहशत है। सांबा मे जहां बीएसएफ का एक कर्मी शहीद हो गया है,वही इधर कई महीनों शांत रहने के बाद हीरानगर सीमांत क्षेत्र मे अचानक पाकिस्तान की ओर से गई गोलाबारी से स्थानीय गांववासी सकते में आ गए। बोबिया व लोडी सीमांत क्षेत्र मे शाम के करीब पांच बजे से शुरू हुई गोलीबारी देर रात तक रुक-रुक कर जारी रही, हालांकि गोलीबारी का भारतीय सुरक्षा बल भी जवाब दे रहे है, लेकिन पाक की ओर से गोलीबारी रुक-रुक करने का सिलसिला जारी है। अभी तक किसी के नुकसान की सूचना नही है। गोलीबारी से बचने के लिए लोग घरो में दुबक गए है। कुछ परिवार बोबिया से पलायन कर सुरक्षित स्थानो पर चले गए है। जिन्हे प्रशासन ने बख्तरबंद गाडि़यां उपलब्ध कराई। वही गोलीबारी से सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार व एसडीपीओ सीमांत क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे और उन्होने चकड़ा मे लोगो को किसी भी तरह से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने का भरोसा दिलाया, लेकिन फिलहाल उन्होने लोगों को घरों में ही बंद रहने को कहा, जिससे किसी को कोई नुकसान न हो। अभी ऐसे हालात नही है,जिसके चलते उन्हे पलायन करने की नौबत है। अगर हालात बिगड़ते है तो प्रशासन बख्तरबंद गाडि़यों से उन्हे सुरक्षित स्थान पर ले जाएगा। प्रशासन सीमा पर बने हालात पर पूरी नजर रखे हुए है।

कोहरे की आड़ मे घुसपैठ

अकसर घने कोहरे का लाभ लेकर पाकिस्तान आतंकियो को घुसपैठ कराने की ताक मे रहता है। सीमा पर जारी घने कोहरे से आतंकियो को सुरक्षित घुसपैठ कराने की सोच से पाकिस्तान गोलीबारी करके सुरक्षा बलो का ध्यान हटाने का प्रयास करता है। बुधवार सुबह और शाम को सीमा पर घना कोहरा छाया रहा है। जिसकी आड़ लेकर आतंकी घुसपैठ की आड़ मे रहते है। जिन्हे पाक रेजर्स भी सहायता करते है।

गोलाबारी से सीमा के गांवो मे खेतीबाड़ी प्रभावित

भारत पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले चार वर्ष से पाकिस्तान की ओर से अकारण की जा रही गोलाबारी के चलते कृषि का धंधा भी चौपट हो गया है। जिससे क्षेत्र के किसानो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।हीरानगर घगवाल उपमंडल के जीरो लाइन पर पड़ते 33 गांवो की 20 हजार कनाल जमीन पर पिछले कुछ वर्ष से खेती नही हो रही है। जिस कारण प्रभावित किसानो को अब रोजी रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। सैकड़ो युवा पढ़ लिखकर रोजगार की तलाश मे भटक रहे है। सरकारा ने आईआरपी की पांच बटालियन की विशेष भर्ती कराने की घोषणा की थी। जिसमे 60 प्रतिशत सीमांत युवाओं को लेने की घोषणा की गई थी जो अभी तक नही हुई। भर्ती के इंतजार करते युवाओ की आवेदन सीमा पर हो गई है।

क्या कहते है लोग

गोपाल दास का कहना है कि सीमा के साथ लगती खेती योग्य जमी कुछ डिफेस कार्यो के लिए अधिकृत कर ली गई है और कुछ तारबंदी के आगे पड़ती है जिसपर खेती बंद है। एैसे में युवा क्या काम करे। अन्य कोई रोजगार भी नही। सेनासुरक्षाबलो की भर्ती भी नही हो पा रही है।सरकार ने विशेष भर्ती की घोषणा की थी परन्तु हुई नही। अगर जल्द भर्ती हो तो युवाओं को मौका मिल सकता है। पाकिस्तान की गोलाबारी के कारण हर साल कई दिन तक स्कूल बंद रहने से पढ़ाई नही हो पाती। ऐसे मे सीमांत क्षेत्र के युवा शहरी युवाओं से मुकाबला नही कर पाते। युवा सेना सुरक्षाबलो मे भर्ती होना चाहते है। अगर सरकार न विशेष भर्ती करवाने है तो जल्द होनी चाहिए। ओवरऐज हो जाने पर विशेष भर्ती मे भी मौका नही मिलेगा। रशपाल का कहना है कि 2001 मे भी सरकार ने पुलिस टी ए की विशेष भर्ती करवाई थी जिसमे सैकड़ो युवा भर्ती हुए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने भई आई आर पी की विशेष भर्ती की घोषणा की थी। हीरानगर सेक्टर मे भी जल्द होनी चाहिए। जिन युवाओं ने ड्राइविंग कम्पुटर आई टी आी मे प्रशिक्षण लिया था उन्हे भी नौकरी नही मिल रही। एलओसी की तर्ज पर अंर्तराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले युवाओं की निजी कम्पनियो सरकारी नौकरियो मे भी आरक्षण मिलना चाहिए।

संजीत बड़याल बेरोजगारी इस समय सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। हीरानगर मे उद्योग भी नही है कि वहां पर ही कोई काम कर ले। गरीब परिवार आíथक तंगी की वजह से कोई काम धंधा भी नही खोल सकते। एैसे मे सरकार को सभी सेक्टरो मे उद्योग लगाने चाहिए। जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। कुलदीप राज कहते हैं विधायक केद्रीय गृह मंत्री से सुरक्षाबलो की विशेष भर्ती करवाने की मांग की थी। जिस पर सरकार विचार कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरु हो जाएगी।

Posted By: Preeti jha