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IED धमाके के बाद पुंछ में आतंकियों की तलाश तेज, चार इलाकों में सुरक्षाबलों ने चलाए सर्च ऑपरेशन

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:04 AM (IST)

पुंछ में सुरक्षा बलों और पुलिस ने आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा मजबूत करने के लिए चार अलग-अलग इलाकों में तलाशी अभियान चलाए।

पुंछ में आतंकियों की तलाश तेज। फाइल फोटो

पुंछ में आतंकियों की तलाश तेज। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, राजौरी। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आतंकियों की संभावित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शुक्रवार को सुरक्षा बलों और पुलिस ने चार अलग-अलग इलाकों में तलाशी अभियान चलाए। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हाल ही में हुई घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इन अभियानों का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना और आतंकियों की संभावित आवाजाही पर अंकुश लगाना है।

अधिकारियों के अनुसार, पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर के सामने नियंत्रण रेखा के पार संदिग्ध आईईडी धमाके में सीमा के उस पार चार आतंकियों के मारे जाने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। इसके अलावा, मंगलवार को सथरबन के जंगलों में एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया था। वहां से एक स्वचालित राइफल, छह हैंड ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किया गया था।

विभिन्न स्थानों की तलाशी ली

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पहला तलाशी अभियान मेंढर उपमंडल के गुरसाई-हरूनी-बैधर क्षेत्र में चलाया गया। इस अभियान को गुरसाई के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने अंजाम दिया। सुरक्षा बलों ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जांच करते हुए विभिन्न स्थानों की तलाशी ली।

इसी तरह, एसओजी मेंढर और सेना की राष्ट्रीय राइफल्स ने संयुक्त रूप से धरना गांव, कश्मीर मोहल्ला, बेहरी के जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध ठिकानों और जंगलों में आवाजाही के संभावित रास्तों की जांच की गई।

संदिग्ध गतिविधियों पर नजर

वहीं, एसओजी मनकोट ने मनकोट पुलिस पोस्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मंगलानू-चिल्ला के जंगलों में भी तलाशी अभियान शुरू किया। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आतंकियों की संभावित घुसपैठ या आवाजाही से जुड़े इनपुट की जांच करना है। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से ले रही हैं। फिलहाल तलाशी अभियानों के संबंध में किसी नई बरामदगी या गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।