जागरण संवाददाता, पुंछ : शहीद औरंगजेब को मरणोपरांत शौर्य चक्र मिलने पर उनके पिता व पूर्व सैनिक मुहम्मद हनीफ ने कहा कि मेडल मिलना गर्व की बात है, लेकिन जब तक मेरे बेटे के हत्यारे आतंकियों का सफाया नहीं हो जाता, तब तक औरंगजेब की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।

पुंछ जिले के उपजिला मेंढर के गांव सलानी में रहने वाले मुहम्मद हनीफ ने कहा कि मेरा बेटा बहादुर सिपाही था, वह कभी गोली से नहीं डरता था। आतंकियों ने उसे निहत्थे अगवा करके मारा है, इस बात का दुख हमेशा रहेगा। इसलिए मेडल तो मिलते रहेंगे, इसका तब तक कोई मतलब नहीं, जब तक आतंकी खुले घूम रहे हैं। सरकार अपना वादा पूरा करे और मेरे बेटे के हत्यारों को मार गिराए।

सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स के राइफलमैन औरंगजेब को आतंकियों ने पुलवामा में 14 जून को अगवा कर गोलियों से भून डाला था, जब वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे। आतंकियों ने औरंगजेब के अंतिम समय का विडियो भी वायरल किया था, जिससे उसके परिवार व गांव के लोगों में काफी था। आतंकियों के खात्मे के लिए शहीद औरंगजेब के गांव के पचास से अधिक युवा भी अरब देशों से नौकरियां छोड़कर गांव लौट आए थे। ये सभी सेना व पुलिस में भर्ती करने की मांग कर चुके हैं।

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