संवाद सहयोगी, बसोहली : तहसील के गांव सांधर में बस सर्विस न होने के कारण यात्रियों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि यातायात सुविधा प्रदान करवाने के लिए गांव के लोगों ने कई बार प्रशासन तक गुहार लगाई मगर कोई हल नहीं हुआ इस कारण बनी से जम्मू अथवा कठुआ जाने वाली ओवरलोडिड बसों में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांववासियों का कहना है कि इस गांव में बस सर्विस लगाने का लाभ आसपास के कई गांवों को होगा। जिनमें सांधर, खबल, शाहरा, जंदरोटा, सम्मानी के दो हजार के करीब की आबादी एवं साथ लगते कई मोड़ों को लाभ होगा। बस सर्विस न होने के कारण महिलाओं, मरीजों को बसोहली तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गांव में मेटाडोर सुविधा तो है मगर वह सुविधा बसोहली तक ही है। इसके आगे का सफर करना हो तो बनी से जाने वाली बसों में धक्के खाते हुए सफर करना पड़ता है। गांव के कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को कई बार अपने स्कूल एवं कार्यालय तक देरी से पहुंचना पड़ता है। आबादी बड़ने के साथ बसों की संख्या में इजाफा किया जाना चाहिए था मगर तीन साल पूर्व बसोहली के लिए चलने वाली बस भी बंद हो गई और अब तो जम्मू कठुआ जाना गांव के लोगों के लिए मुश्किलों भरा सफर बनकर रह गया है। जम्मू अथवा कठुआ से एक सीधी बस सर्विस गांव के लिए हो तो लोग अपने काम निपटाकर इसी बस के माध्यम से अपने घर तक वापस आ सकते हैं। बस सर्विस न होने के कारण गांव के लोगों को जम्मू में रहने के लिए इंतजाम करना पड़ता है।

इस बाबत एजेंट बनिहाल यूनियन विंद्र सिंह का कहना है कि इस बाबत यूनियन की मीटिंग में बात उठाएंगे।

Posted By: Jagran

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