संवाद सहयोगी, बसोहली : पिछले दो माह से भी ज्यादा समय से बंद पड़ी सियालग सड़क को खोलने के लिए संबंधित विभाग द्वारा आंखें मूंद रखने से लोगों में रोष है। स्थानीय निवासियों ने सड़क न खोलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि दूरदराज के गांवों को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क जंदरैली से सियालग को खोलने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हर रोज दर्जनों छोटे बड़े मोड़ों से शीतलनगर हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए बच्चे जाते हैं। बीमार लोगों को पालकी में शीतलनगर तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में इस सड़क पर आधारित सैलो भीकड़, रीढि़, लियुंडी, हल, फूंडा, सम्मूनी, सियालग, नगाली, खरलूंड आदि गांवों के लोगों को हर रोज शीतलनगर तक पैदल आने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं दुकानदारों को सामान घोड़े, खच्चरों के माध्यम से अपनी दुकानों तक पहुंचाने को मजबूर होना पड़ रहा है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अगर विभाग ने सड़क को खोलने के लिए कार्रवाई नहीं की तो हमें मजबूरी में आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

इस संबंध में इस सड़क के ठेकेदार संजीव पठानिया का कहना है कि हर रोज हो रही बारिश से सड़क को खोलने की कोशिश बेकार जा रही है। सड़क को खोलने के लिए जेसीबी को भेजा, पांच दिन वहां पर रही मगर जितनी सड़क ठीक करते दूसरे दिन उतनी खराब हो जाती। बारिश के कम होने पर सड़क को खोल दिया जाएगा।

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