संवाद सहयोगी, कठुआ/बिलावर: जिला सचिवालय के समक्ष सेल्फ हेल्प ग्रुप के इंजीनियरो ने केंद्र सरकार के खिलाफ मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया।

जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन कर रहे नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि 2004 में सरकर ने आश्वासन दिया था कि सेल्फ हेल्प ग्रुप चला कर रोजगार दिया जाएगा, लेकिन केंद्र सरकार ने 2020 स्कीम को बंद करने का ऐलान किया। कई युवाओं की उम्र भी ज्यादा हो चुकी है, जिस वजह से वे सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते हैं। पुरानी स्कीमों को बंद कर युवाओं को बेरोजगार करने की बात की जा रही है, जिसका विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि स्कीम को जारी रखा जाए और जो ठेकेदारी के कार्ड हैं उसके ग्रेड बढ़ाए जाएं।

उधर, बिलावर में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा इंजीनियरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप को अमान्य करार दे दिया गया है, जिसके कारण प्रदेश के 15 हजार से ज्यादा इंजीनियर विभिन्न विभागों में रजिस्टर ग्रुप बनाकर ठेकेदारी का काम कर रहे थे, वे अब बेरोजगार हो गए। इंजीनियर इशात शर्मा, राहुल, राजू, प्रवेश, हरीश, विपुल शर्मा, तालिब आदि ने बताया कि उन लोगों को इंजीनियरिंग पूरी किए हुए दस साल हो चले हैं, लेकिन सरकार आज तक उन्हें रोजगार नहीं दे सकी हैं। सरकार के एक फैसले ने उनके भविष्य को अंधकार में ही बना दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के सेल्फ हेल्प ग्रुप योजना से उन्हें रोजगार मिला हुआ था। उन्होंने सरकार से माग की कि उनकी बकाया पेमेंट का जल्द से जल्द भुगतान करें और सेल्फ हेल्प ग्रुप को भंग करने के आदेश को जल्द से जल्द वापस ले, ताकि सरकार द्वारा उनके भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।

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