जागरण संवाददाता, कठुआ : कठुआ डिग्री कालेज में शनिवार को 'जलवायु परिवर्तन पर रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव' विषय पर रसायन विज्ञान ने पोस्टर मेकिग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान पोस्टरों के मध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। अगर जल्द युद्ध रोका नहीं गया कि पूरी मानव जाति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

कालेज के प्राचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया के पर्यवेक्षण में आयोजित प्रतियोगिता के संयोजक और एचओडी रसायन विभाग प्रो. राकेश सिंह ने इस प्रतियोगिता के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस दौरान वेबिनार, प्रश्नोत्तरी और सेमिनार जैसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम शामिल रहे। उन्होंने छात्रों से इस तरह के आयोजनों में भाग लेने का आह्वान किया, क्योंकि ऐसे मुद्दे मानव जाति के लिए संवेदनशील होते हैं। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने देशों का ध्यान जलवायु परिवर्तन से ऊर्जा सुरक्षा पर स्थानांतरित कर दिया है, क्योंकि अब देश जलवायु की तुलना में अपनी ऊर्जा जरूरतों के प्रति अधिक चितित हैं। राकेट या विस्फोट से भारी मात्रा में मलबा और कचरा उत्पन्न होता है। एस्बेस्टस, औद्योगिक रसायन, जहरीली गैसों जैसे खतरनाक पदार्थों के निकलने से पर्यावरण प्रदूषण का प्रभाव बढ़ जाता है। प्राचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने वर्तमान समय के सबसे प्रासंगिक मुद्दे पर पोस्टर मेकिग प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए रसायन विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से खार्किव में तेल और गैस सुविधाओं में भारी आग लग गई है, जिससे यूक्रेन की ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो गई है और भारी मात्रा में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और अन्य दूषित पदार्थों को वातावरण में छोड़ दिया गया है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। पूरा कार्यक्रम आयोजन समिति के संयोजक प्रो. राकेश सिंह और सदस्य डा. अनुपमा अरोड़ा, डा. पंकज गुप्ता, डा. अंबिका, डा. उपासना अंडोत्रा, डा. रोशन लाल, डा. निशा चौधरी, डा. नारायण दत्त और डा. शिराज अहमद वागे की देखरेख में किया गया। ------------------------

छठे सेमेस्टर की तल्वी शर्मा का पोस्टर सबसे प्रभावी पोस्टर मेकिग प्रतियोगिता में चतुर्थ व छठवें सेमेस्टर के कुल 28 विद्यार्थियों ने भाग लिया। छात्रों ने रूस-यूक्रेन युद्ध और पर्यावरण क्षरण पर पड़ने वाले प्रभावों की झलक दिखाने वाले पोस्टर तैयार किए। उन्होंने विशेष रूप से वैश्विक तापमान में वृद्धि, ग्लेशियरों के पिघलने को प्रदर्शित किया और फिर समुद्र के स्तर में वृद्धि समुद्र के किनारे रहने वाली आबादी को हो रहे प्रभाव को भी दर्शाया गया। इसमें छठे सेमेस्टर की तल्वी शर्मा ने प्रथम, द्वितीय पुरस्कार छठे सेमेस्टर की तरुण प्रिया और रोहनी को और तीसरा पुरस्कार छठे सेमेस्टर की अदिति शर्मा को दिया गया। नितिका राजपूत को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर कालेज स्टाफ से प्रो. राज किरण शर्मा, डा. दीपशिखा शर्मा और प्रो. नेहा महाजन ने जज की भूमिका निभाई। संयोजक प्रो. जसविदर सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।।

Edited By: Jagran