करूण शर्मा, बिलावर

जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बिलावर उपजिला अस्पताल को अपग्रेड कर उसका विस्तार किया जा रहा है। करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से उपजिला अस्पताल बिलावर में ढांचागत सुविधा मुहैया करवाने के लिए दो मंजिला से तीन-तीन मंजिला इमारत बनाई जा रही है। मगर जब अस्पताल में आने वाले मरीज के उपचार के लिए पर्याप्त चिकित्सक ही नहीं होंगे तो ऐसी ऊंची-ऊंची इमारतों को बनाने का क्या फायदा? बिलावर उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लगभग सभी पद रिक्त चल रहे हैं। इस कारण अस्पताल में आने वाले दूरदराज के मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल को एमडी करने वाले मेडिकल ऑफिसर के सहारे ही चलाया जा रहा है, लेकिन सरकारी मान्यता प्राप्त बी ग्रेड के चिकित्सकों के पद रिक्त पडे़ हुए हैं। उपजिला अस्पताल का ड्यूटी रोस्टर को एनआरएचएम के सहारे चलाया जा रहा है। अस्पताल की ऐसी लचर व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जब पूरे मेडिकल ब्लॉक बिलावर की बात की जाए तो हालात और भी बदतर हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थिति

बिलावर उपजिला अस्पताल में छह विशेषज्ञ चिकित्सक के पद हैं। इनमें से पाच पद रिक्त चल रहे हैं। इस पदों को मास्टर डिग्री यानी एमडी करने वाले चिकित्सकों के सहारे चलाया जा रहा है, जो सरकारी आदेश पर बतौर मेडिकल ऑफिसर काम कर रहे हैं।

पद मंजूर स्थिति व्यवस्था

सर्जन 1 रिक्त एमडी सर्जरी एमओ के सहारे

फिजीशियन 1 रिक्त एमडी मेडिसिन एमओ चला रहें

पेडिटरेशन 1 रिक्त कोई भी नहीं

एनेस्थिसिया 1 रिक्त एमडी एनेस्थिसिया चला रहे

गयनोकोलोजिस्ट 2 1

मेडिकल ऑफिसर 7 6

पीएचसी में भी चिकित्सकों की भारी कमी

बिलावर चिकित्सा खंड की बात करें तो इसमें चिकित्सकों की भारी कमी है। बिलावर ब्लॉक में 25 में से 24 मेडिकल आफिसरों के पद खाली हैं। रामकोट पीएचसी में तीन चिकित्सकों के पद हैं। तीनों के तीनों रिक्त हैं। पीएचसी भड्डू में दो में से एक रिक्त है, लोहाई में दोनों डाक्टरों के पद रिक्त, मशेडी में भी दोनों-दोनों खाली, मल्हार में दोनों खाली, गोडू फलाल में दोनों खाली। इसके अलावा उच्चापिंड, कोहग, बजवाल, कमबाल, सुकराला, बदनोता पीएचसी में भी दो-दो डाक्टरों के पद हैं जो सभी रिक्त हैं। ऐसे में बिलावर की करीब डेढ लाख जनता के साथ बिलावर और बसोहली के लोगों का अतिरिक्त बोझ बिलावर पर है। बिना डॉक्टर उपचार कराएं कहां जाकर

नेकां के जिला प्रधान रोमी खजूरिया, डोगरा फाइटर नरेश सिंह, अत्याचार भ्रष्टाचार मुक्त संगठन के एडवोकेट पंकज बसोत्रा का कहना है जब अधिकतर अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी होगी तो लोग कहां जाकर उपचार कराएं। उनका कहना है कि बिना चिकित्सकों के तो बिलावर उपजिला अस्पताल खुद उपचार के लिए तरस रहा है। सरकार को जल्द चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सकें। अस्पतालों में चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों के पास है। समय-समय पर विभागीय अधिकारियों को चिकित्सकों की कमी के बारे में जानकारी दी जारी है, लेकिन लोगों को व्यवस्था करके चिकित्सका सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. मनोहर लाल राणा, खंड चिकित्सा अधिकारी, बिलावर

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