विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

स्क्रीन पर खूबसूरत चेहरा, पीछे ISI की साजिश... दुबई-मलेशिया से PAK चला रहा हनीट्रैप का नेटवर्क, देश के युवा टारगेट

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:09 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हनीट्रैप के नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने अब ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. युवाओं को अपने जाल में फंसाकर देश विरोधी जानकारी मांगती हैं महिलाएं

  2. साइबर अपराध पोर्टल ने युवाओं को संदेश दिया कि ऐसी स्थिति में डरे नहीं

  3. मलेशिया और दुबई से पाकिस्तानी एजेंट यह नेटवर्क चला रही हैं

अजय मीनिया, कठुआ। आतंक फैलाने में हर मोर्चे में नाकाम रहने वाला पाकिस्तान अब जम्मू के सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को गोपनीय व संवेदनशील सैन्य जानकारियां उन तक पहुंचाने के लिए हनीट्रैप में फंसा रहा है। हाल ही में कठुआ जिले में हनीट्रैप के नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने अब नया षड्यंत्र रचा है। दुबई, मलेशिया और कुछ अन्य देशों में पाकिस्तानी महिलाएं सक्रिय की हैं।

यही नहीं जम्मू के सीमांत जिलों कठुआ, पुंछ, राजौरी और सांबा में भी हनीट्रैप के लिए एक दर्जन खूबसूरत महिलाओं को तैनात किया है। ये वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक व एक्स पर उपलब्ध सीमांत क्षेत्रों के युवाओं से संपर्क साधती हैं। गोजरी, डोगरी, पुंछी, हिंदी, पंजाबी भाषाएं बोलने में भी ये महिलाएं प्रशिक्षित की गई हैं।

वहीं, साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां इंटरनेट मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। पाकिस्तान के बलूचिस्तान और फरीदकोट में महिलाओं की बनाई हनीट्रैप बटालियन से महिलाएं प्रशिक्षित हुई हैं। बलूचिस्तान में हनीट्रैप की 616 और फरीदकोट में हनीट्रैप की 412 बटालियन हैं। इन बटालियनों को पाकिस्तान सेना के कर्नल और मेजर रैंक के अधिकारी चला रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि 616 बटालियन की कमान पाकिस्तानी सेना के कर्नल अनायमुत्ताहल खान के पास है। आसिफ उल रयाल बटालियन का सेकेंड इन कमांड है। 412 बटालियन की कमान मेजर जनरल रैंक के अधिकारी के पास है, जिसके नीचे दो अफसर कर्नल और मेजर रैंक के पाकिस्तानी अधिकारी हैं। इनका नेटवर्क लाहौर, फरीदकोट, बलूचिस्तान आदि में है।

प्रत्येक जिले के लिए बांटा गया है तीन से चार के ग्रुप को

हनीट्रैप की इन्हीं दोनों बटालियन से 12 महिलाओं का चयन कर उन्हें दुबई और मलेशिया में बिठाया है जिन्हें टारगेट दिया है कि सांबा, कठुआ और राजौरी, पुंछ। इन महिलाओं को पाकिस्तानी सेना का ही कर्नल आसिफ कमान कर रहा है। इन महिलाओं को प्रत्येक जिले के लिए तीन से चार के ग्रुप में बांटा गया है। चार महिलाएं कठुआ, चार सांबा और चार नाम तक जानती हैं।

इन महिलाओं को कठुआ, सांबा, सुंदरबनी, नौशहरा और पुंछ जैसे क्षेत्र के तमाम गांव, शहर और कस्बों के नाम रटाए हैं। इनके पास सीमांत इलाकों और शहर में रहने वाले इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवाओं के नाम तक भी हैं।

महिलाओं को राजौरी व पुंछ का इलाका दिया है। कर्नल आसिफ पाकिस्तान सेना का अधिकारी है, जो इस समय आइएसआइ में डेपुटेशन पर काम कर रहा है। यही वजह है कि राजौरी, पुंछ, सांबा, कटुआ, जम्मू जैसे सीमावर्ती जिलों में बीते कुछ समय से लगातार हनीट्रैप के जाल में फंसाकर युवाओं से जासूसी करवाई जा रही है।

युवाओं को जाल में फंसाया

पुलिस ने गत दिनों कठुआ जिले में 24 वर्षीय ट्रक ड्राइवर अमन को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके बाद स्थानीय भल्ले बेचने वाले और अन्य सह-चालकों की संलिप्तता भी सामने आई। पाक महिला एजेंटों ने इंटरनेट मीडिया से युवाओं को प्रेम जाल में फंसाया और संवेदनशील जानकारियां हासिल कीं।

ऐसे फंसाया जाता है

  • इंटरनेट मीडिया पर डेटिंग ऐप्स पर अनजान लड़कियों की प्रोफाइल से अचानक रिक्वेस्ट आना।
  • शुरुआत में बहुत ही दोस्ताना और हमदर्दी भरी बातें करना ताकि आपका भरोसा जीता जा सके।
  • बातचीत आगे बढ़ने पर सेना, सुरक्षा बलों की आवाजाही, स्थानीय बेस या महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों के बारे में अनजाने में सवाल पूछना।
  • युवाओं को जाल में फंसाकर न्यूड वीडियो कॉल करने के लिए उकसाना और फिर उस कॉल को रिकॉर्ड कर लेना।
  • रिकॉर्ड किए वीडियो या चैट के जरिए पैसों की मांग करना या देश विरोधी जानकारी देने के लिए मजबूर करना।

डरे नहा, उचित उपाय करें?

अगर कोई हनीट्रैप का शिकार होता है तो डरे नहीं, तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें, या नजदीकी पुलिस स्टेशन /साइबर सेल से संपर्क करें। सुबूत सुरक्षित रखें जैसे चैट, स्क्रीनशाट और काल रिकार्डिंग को डिलीट न करें।

इंटरनेट मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने या पर्सनल जानकारी शेयर करने से पहले सावधानी बरतें। इंटरनेट मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों और सीमा पार से आने वाले संदिग्ध काल्स /मैसेजेस पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को बेहद मजबूत किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं व सुरक्षाबल को अंजान प्रोफाइल्स से दोस्ती न करने व इंटरनेट मीडिया पर अपनी लोकेशन या काम से जुड़ी तस्वीरें साझा न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।