जागरण न्यूज नेटवर्क, हीरानगर/कठुआ: पाकिस्तानी रेंजर्स ने बुधवार रातभर कठुआ के हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती इलाकों में गोले बरसाए। खास बात यह है कि जिस समय गोले बरस रहे थे, जिला उपायुक्त डॉ. राघव लंगर भी सीमा के करीब मन्यारी गांव में मौजूद थे। उन्हें तुरंत बीएसएफ के एक बंकर में ले जाया गया और उन्होंने वहीं रात गुजारी। फायरिग से मन्यारी में दो घरों में आग लग गई। इसके अलावा अन्य दर्जनों घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। फायरिग के बीच उपायुक्त ने गांव में ही डेरा डाले रखा और सुबह नुकसान का निरीक्षण किया।

बुधवार रात शुरू हुई फायरिग सुबह पाच बजे तक जारी रही। बीएसएफ जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। पाक रेंजरों ने इस दौरान ट्रेस राउंड (अंधेरे में रोशनी करके लक्ष्य साधना) भी चलाए, इससे कई जगह आग लग गई। फायर टेंडर के आने से पहले लोगों ने घरों में लगाए हैंडपंपों के पानी से आग बुझाकर आग को फैलने से रोक दिया।

पाकिस्तान कई दिनों से हीरानगर सेक्टर में अकारण गोलाबारी कर रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का हौसला बढ़ाने व हालात जानने बुधवार शाम डीसी डॉ. राघव लांगर मन्यारी गांव में पहुंचे थे। ग्रामीणों व स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें खतरे से अवगत कराया, बावजूद इसके उन्होंने लोगों के बीच रात गुजारने की इच्छा जताई।

देर शाम डीसी बीएसएफ पोस्ट पर पहुंचे और अभी कमांडेंट के साथ बैठक कर ही रहे थे कि पाकिस्तान ने रोज की तरह भारतीय रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान बीएसएफ ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की। भारी गोलाबारी के दौरान पोस्ट पर तैनात जवान भी कार्यालय में सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। ऐसे में डीसी को तुरंत बीएसएफ के एक बंकर में ले जाया गया। रातभर फायरिग के बीच डीसी और बीएसएफ के कमांडेंट सतेंद्र गिरी बंकर में डटे रहे और लोगों का हालचाल लेते रहे। राघव लंगर पहले डीसी हैं जो गोलाबारी के दौरान रात को सीमा पर रहे। हालांकि डीसी जब गांव में आए थे तो उनके साथ अधिकारी भी थे, लेकिन राघव लंगर ने पहले ही रात सीमा पर बिताने का फैसला किया था, इसलिए बाकी अधिकारी शाम को ही लौट गए थे।

सुबह गोलाबारी थमने के बाद डीसी ने गाव में प्रभावित घरों में नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों संग बैठक कर हालात का जायजा लिया।

गाव के सरपंच मोहन लाल व काला राम ने बताया कि पाक गोलाबारी में दर्जन के करीब घरों व स्कूल की दीवारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। धमाकों से बच्चे सहम जाते हैं। डीसी ने तहसीलदार सोहन लाल को आग लगने से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया। शेल गिरने से घरों में लगी आग :

गोलाबारी के दौरान शेल गिरने से यशपाल के कच्चे घर में आग लग गई। पशु बाड़े में बंद 25 बकरियों को तो किसी तरह बचा लिया गया। चौकीदार शाम लाल के घर में भी आग लग गई। गनीमत थी कि परिवार के सभी सदस्य बंकर में शरण लिए हुए थे। पाकिस्तानी रेंजर्स ने स्कूल को भी निशाना बनाकर गोलियां दागी। हालाकि, किसी का भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।

स्थिति नियंत्रण में : बीएसएफ

बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। सीमा के साथ-साथ गाववासियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें हिदायत दी गई है कि गोलाबारी शुरू होते ही वे तुरंत बंकर में चले जाएं। डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा का भी लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए पुलिस, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक करने का हीरानगर पहुंचने का कार्यक्रम तय था, लेकिन वे नहीं पहुंच पाए। सीमांत लोग देशभक्त और बहादुर : डीसी

डीसी राघव लंगर ने कहा कि पाकिस्तान शाम को गोलीबारी कर रहा है, लोगों को इस दौरान घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर अगर लोगों को शिफ्ट करना पड़ा तो उसके भी प्रबंध किए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों में आग लगने से नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग को रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। सीमांत क्षेत्रों के लोग भी जवानों की ही तरह देशभक्त और बहादुर हैं। गोलाबारी के बीच साहस के साथ न केवल डटे हैं बल्कि जवानों का मनोबल भी बढ़ाते हैं। गोलाबारी के बीच ग्रामीणों के साथ एक रात गुजारकर मुझे स्पष्ट हो गया है कि यह आसान नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी के नाते हम इलाके के लोगों को यकीन दिलाते हैं कि उनकी हरसंभव मदद के लिए सरकार हमेशा तैयार है।

Posted By: Jagran

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