जागरण संवाददाता, कठुआ : कठुआ मामले की सोमवार फैसले की कवरेज करने के लिए पठानकोट की सिविल अदालत में बड़ी संख्या में जम्मू कश्मीर से भी मीडिया पहुंचा था। सुबह गुरदासपुर जेल से आरोपितों को कोर्ट में फैसला सुनाने के लिए जब लाना था तो उससे पहले ही बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी अदालत के मुख्य गेट पर जमा हो गए। जिसमें जम्मू से काफी संख्या में मीडिया कर्मी शामिल थे। इसी बीच कठुआ मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर संघर्षरत रहे हिदू एकता मंच के सदस्य भी परिजनों, रिश्तेदारों के साथ वहां पहुंच गए थे। मीडिया व अन्य लोगों की भीड़ को देखते हुए पठानकोट की अदालत के बाहर और अंदर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। जिसमें पंजाब पुलिस ने करीब एक हजार जवान सुरक्षा में तैनात किए थे। पहले तो सुबह-सुबह मुख्य गेट से किसी को भी जहां तक कि मीडिया को भी मुख्य गेट से अंदर जाने की अनुमति सुरक्षा कर्मियों ने नहंी दी,लेकिन जैसे ही 11 बजे के करीब सुनवाई शुरू हुई तो आरोपित पक्ष के सभी सदस्यों एवं हिदू एकता मंच के सदस्यों सहित मीडिया को कोर्ट परिसर में जाने की अनुमति दी गई। दिन भी कोर्ट में सुरक्षा कड़ी रही। इसी बीच इधर आरोपित के पक्ष के लोग अपने घरों कठुआ व हीरानगर से मामले की सुनवाई की पल पल की जानकारी वहां मौजूद लोगों से मोबाइल पर लेते रहे।

---------------------

कोर्ट की ये बैड जजमेंट है: अंकुर शर्मा

जागरण संवाददाता,कठुआ आरोपित पक्ष के वकील अंकुर शर्मा ने फैसला आने के बाद मीडिया को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कोर्ट के फैसले को बैड जजमेंट करार दिया और कहा कि इसे अगली अदालत में चुनौती दी जाएगी,जब तक निर्दोष लोग बरी नहीं होंगे, मामला जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपित पक्ष को दोषी करार देने पर किसी भी चश्मदीद गवाह की गवाही नहीं ली गई, ये अपनी तरह का फैसला है,अक्सर ऐसे संवेदनशील मामले में चश्मदीद गवाही ही आधार मानी जाती है,लेकिन जहां सिर्फ

क्राइमब्रांच की जांच को ही आरोपितों को दोषी करार देने को आधार माना गया,जब कि उसी रिपोर्ट में एक को बरी किया गया। जिससे साफ है कि अन्य लोग भी निर्दोष हैं, जिसे सजा सुनाई गई है।

--------------------

मामले को अगली अदालत में चुनौती देने के लिए काफी आरगूमेंटस रहेंगे जागरण संवाददाता,कठुआ

आरोपित के एक अन्य बचाव पक्ष के वकील ए के साहनी ने कहा कि इस केस के फैसले के बाद अब अगली अदालत में अन्य ठहराए गए दोषियों को निर्दोष साबित करने के लिए काफी आरगूमेंटस हैं। जिन्हें ऊपरी अदालत में रचा कर उन्हें बरी करने का प्रयास किया जाएगा।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप